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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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२
(१) अब नाहिं माना लाँ म्हे थारी २०
(२) अब तो नही म्हे थौरी म्होंने "
२० अरे राणा पहली क्यो न बरजी २० २१
२१ राणा जी म्होंने या बदनामी लागे मीठी २१ "
(१) याही बदनामी मीठी ह्वै, राणा जी २२
(२) राणा जी, म्होंने याही बदनामी मीठी "
(३) राणा जी, मुझे यह बदनामी लगे मीठी "
(४) राणा जी, म्हॉने या बदनामी लागे मीठी "
(५) राणा जी म्हांने या बदनामी लागे मीठी २३
२२ माई ! म्होंने साधाँ रो इकत्यार है २२ "
मिश्रित भाषाओं मे प्राप्त पद
१ राणा जी अब न रहूँगी तोरी हटकी २३ २४
(१) अब न रहूँगी अटकी, मन लाग्यो गिरधर से "
(२) अब ना रहूँगी स्याम अटकी २५
(३) अब न रहूँगी अटकी "
(४) मेरो मन लाग्यो हरि जूं सूं, अब न रहूँगी अटकी २६
(५) रूप देख अटकी, तेरो रूप देख अटकी "
(६) माई ! मै तो गोविन्द सो अटकी २७
व्रजभाषा में प्राप्त पद
१ बरजी मै काहू की नाहि रहूँ . २४ "
२ बरजी नाही रहूँगी, म्हाँरो स्याम सुंदर भरतार २५ २८
३ काहू की मै बरजी नाही रहूँ . २६ "
(१) मेरो मन लाग्यो सखी साँवलिया सो "
४ नैना लोभी रे बहुरि सके नहि आय २७ २९
५ नयन लागे तब घूंघट कैसो २८ ३०
वियोगाभिव्यक्ति
राजस्थानी मे प्राप्त पद
१. छोड मत जाज्यो जी महाराज २९ ३१
२ प्रभुजी थे कहाँ गया नेहडी लगाय ३० "
(१) पिया ते कहाँ गयो नेहरा लगाय "
३. हो जी हरि कित गये नेह लगाय ३१ ३२
(१) कितहँ गये नेह लगाय