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सर्वकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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वियोगाभिव्यक्ति' ४५
२७
रमैया बिन नीद न आवै ।
नीद न आवै बिरह सतावै, प्रेम की आँच दुलावै ।
बिन पिया जोत मदिर अधियारो, दीपक दाय१ न आवै ।
पिया बिन मेरी सेज अलूणी, जागत रैण बिहावै ।
पिया कब रे घर आवै ।
दादुर मोर पपीहरा बोले, कोसल सबद सुणावै ।
घुमट घटा ऊलर होई आई, दामिन दमक डरावै ।
नैना झर लावै ।
कहा करु कित जाऊ मोरी सजनी, वेदण कूण बुतावै२ ।
बिरह नागण मोरी काया डसी है, लहर लहर जिव जावै ।
जडी घस लावै ।
को है सखी सहेली सजनी, पिय कूँ आण मिलावै ।
मीराँ के प्रभु कब रे मिलोगे मन मोहन मोहि भावै ।
कबै हस कर बतलावै३ । ॥५५॥
२८
साजन, म्हारी सेजडली कद आवै हो ।
हसि हसि बात करु हिडदा की, जब जिवड़ो जक४ पावै हो ।
पाचू इन्द्री बस नही मोरी, घन ज्यूँ धीर धरावै हो ।
कठिन विरह की पीड गुँसाई, मिलि करि तपत बुझावै हो ।
या अरदास५ सुणो हरि मोरी, विरहणी पल्लो बिछावै६ हो ।
॥५६॥
१ पसन्द, २ बन्द कर देना, मिटा देना, ३ बात करे। ४ चैन,
५ अर्ज, प्रार्थना, ६ "पल्लो बिछावै"-दैन्य स्वीकार करना ।