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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 681, कुल 856 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 681

CHAPTER XIX

  1. (1) J. भौम for भूमि ।
    (2) C. omits the first 70 lines of this chapter.
  2. (1) J. ज्योति for जाति । (2) I. छ्द for छन्दं suggested by references
    and all other Mss.
  3. I. हर्म्ये for हर्म्यं suggested by the other Mss.
  4. (1) I. चन्द्रचाद for छन्दं त्रिपाद । (2) I. विक्ष्वस्य for विकल्पं स्यात् ।
  5. (1) I. पतदायाकि, J. दायादि ।
    (2) I. .................'दं स्ता for द्वार्थं शा ।
  6. I. J. तदपो for तदुदो ।
  7. (1) B. परिचाहोपिदे । (2) I. J. यानं for मानं ।
  8. B. J. शयने ।
  9. (1) B. J. यथा for यस्य । (2) B. J. बिम्ब, I. बहु ।
  10. (1) B. दिष्टस्याहृतिकाकृति ।
    (2) I. ताधीति for तेति प्र ।
  11. (1) I. J. पुंबेरं तत् पुमंसापि वनितालयमेव वा । The reading adopted
    in the text is supplied by all other Mss. and is necessitated by the fact
    that the sense of I. J's. reading is expressed in the next line.
    (2) B. वनिते ।
  12. B. पुंचितं तत् पुमांसेापि for the second pāda.
  13. I. भक्ति, B. शक्ति, J. भित्ति ।
  14. (1) I. कस्यपा for कन्यसा । (2) B. कात for कम् ।
  15. (1) J. माहृत्य, B. चावृष्ठय I. चागम्य । (2) B. J. गश्व, I. तस्य, compare
    XXVII, 35—39, XXIX, 36—37, etc.
  16. (1) I. साष्ट for चाष्ट । (2) I. J. एक for चैक ।
  17. I. तत्समं, J. तद्द्वयं ।
  18. (1) B. तदंद for तदर्धं । (2) B. वर्गषट्पदमोरितम् ।
  19. B' मेना for हीनं ।