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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 587, कुल 856 में से

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पृष्ठ 587

CRITICAL NOTES : CHAPTER IX 43
68. A. F. J. र्हान्यायामष्टाष्टकम्, B हत्वायामं विशालकं, I. महान्याय
विशिष्टकम्।
69. (1) I. र्विद्धि for वर्धिते। (2) J. ष्टक्षं, A. F. वोक्ष्व, B. हक्षं for ऋक्षं।
70. I. विर्धयेत्।
71. A. गुणानां च।
72. (1) A. F. दद्यात् वृद्धिं, B. नंदमिति। (2) I. हत्वा।
73. A. F. नवगमें।
74. I. गुणषड्वर्गंभूर्यातु पयं for the first half of the line; the correct
reading is suggested by J. and the other Mss.
75. (1) A. F. जयं for चायं। (2) B. स्वर्गगतेन हि, A. F. सर्वगते हनो।
76. J. धिकं, A. B. F. दिकं for धिक्यं।
77. A. F. आयाधोनि।
78. A. F. कटऋक्षकं।
79. A. F. युग्मं च for युग्मायुग्माद्य।
80. (1) A. F. परियावस्यधे for पर्यायस्यार्थे। (2) A. F. J. गणैः स।
81. A. F. सिता।
82. I. योगभव्यं युक्तरा, J. योगं चयं यत्तु for शुभयोगं, suggested by the
other Mss.
83. A. F. यत्त for युक्तं।
84. I. स्वातिक्रान्तं।
85. I. दण्डं for गण्डं।
86. (1) I अथवास्था। (2) I. विसर्जयेत्।
87. (1) I. रुस्यधा for अन्यथा। (2) I. स्यात्तिथिवारं।
88. (1) I. भ्रष्टदं राज्यवर्जं। (2) J. अन्येषु।
89. (1) I. शासु, A. F. चासु for वासु। (2) I. मान्त्रुण्यं for मानुष्यं,
suggested by J. and the other Mss. (3) J. गण', A. F. गणैः for second
गणे।
90. (1) I. वाराङ्ग, all other Mss. वारास्तं। (2) J. तिगुणी।
91. A. F. मनयं for नयनं।
92. I. J. द्विक्षेत्रकम्।