मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
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40 MĀNASĀRA
62. (1) I. कृशं for प्रकृत्या । (2) A. F. सन्मचालयं, B. पद्मशालयं,
J. सद्गुचालयम् ; this is apparently a confused expression for समुच्चयम् ।
63. (1) J. तथा for तदा । (2) J. भूत for भूमिः ।
64. B. J. समारभेत ।
65. (1) A. मोर्ग्यं, F. मांग्यं, B. मार्गे for मार्ग । (2) F. बलि ।
66. (1) I. शाहि for शान्ति । (2) A. कुकुर्भर्निभितु, F. ककुब्भर्तृभिः, B.
कर्तातृभि, I. भवतितरभर्तृ for कर्तृमक्ति ।
Colophon:—B. नवमो ।