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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 403, कुल 856 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 403

तुङ्गंorमूर्ध्नि तुङ्गं`!

Let's check line 14 with this knowledge of the meter!
Meter: Anushtubh (8 syllables per quarter):
Line 14:
Pada 1:
प्रकोष्ठ- ...
In Ashta-tala:
प्रकोष्ठतारं ... मणिबन्धे कलांशकम् ॥ १८ ॥
Wait, Pada 2 is: "मणिबन्धे कलां(गुणां)शकम् ॥ १८ ॥" (8 syllables: म-णि-ब-न्धे क-लां-श-कम्)
Now Pada 1:
What are the 8 syllables?
प्र-को-ष्ठ-ता-र- ...
If it has variant:
Look at:
प्रकोष्ठतारा(रस)र्धंश्चां(न्त्वं)शं ->
Wait! Could it be:
प्रकोष्ठतारा(रस)र्धं -> wait, is it तारा or तारे or तारार्धं?
Wait, look at line 14:
प्रकोष्ठतारा(रस) - wait, inside parenthesis is (रस)!
Then after (रस):
Is it र्धं?
Wait, if text has: तारा then (रस) then र्धं?
Wait, तारा + र्धं = `तार