मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
पृष्ठ 113, कुल 856 में से
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"सप्तांशं वप्रतुङ्गं तु कुमुदोर्ध्वं रसांशकम् ॥ १२ ॥"
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अधिष्ठानविधानम्
अधिष्ठानविधिं वक्ष्ये शास्त्रे संक्षिप्यतेऽधुना ।
त्रिंशदङ्गुलमारभ्य षट्षडङ्गुलवर्धनात् ॥ १ ॥
चतुर्हस्तावसानं स्यात्कुट्टिमद्वादशोन्नतम् ।
एकद्वादशभूम्यन्तं हर्म्याणां तु क्रमान्न्यसेत् ॥ २ ॥ 4
विप्राणां तु चतुर्हस्तं भूपतीनां त्रिहस्तकम् ।
सार्धद्विहस्तमुत्सेधं युवराजस्य हर्म्यके ॥ ३ ॥
द्विहस्तं तु विशां प्रोक्तमे