मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)
Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary
महाकवि भवभूति द्वारा
पृष्ठ 369, कुल 377 में से
संदर्भ में पढ़ें"? There is visarga: "पुनःक्लेशकारितया".
L32:
"त्वम् । प्रतिकूलस्यैव विधेरधुनानुकूलत्वमित्याश्चर्यम् । पहीत्यादि । मालतीरक्ष-"
Wait, "पहीत्यादि" or "एहीत्यादि"?
Look at the first letter:
Is it 'प' or 'ए'?
"एहीत्यादि" (Ehy-ādi, from "एहि" = come!).
Look at L34: "एह्यागच्छ ।" (Ehi = come!).
So the pratīka is definitely "एहीत्यादि"!
Look at the letter: It is clearly 'ए' (e), not 'प'! It has the triangle/shape of Devanagari 'ए'!
L33:
"णेन बहुजनरक्षणजन्यपुण्यनिवृद्धारिके हे विरेण त्वं दृष्टासि । अतो हेतोस्त्वमे-"
Wait:
"बहुजनरक्षणजन्यपुण्यनिवृद्धारिके" or "पुण्यनिवृद्धिके"?
Let's read carefully:
पु - ण्य - नि - वृ - द्धा - रि - के ? Or "पुण्योपबृंहिते"?
Wait, look at:
पु (pu)
ण्य (ṇya)
नि (ni)
ब (ba) or वृ (vṛ)?
Look at: नि - ब - द्ध - भा - रि -