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लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)

लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)

Lilavati of Bhaskaracharya with Hindi Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (११५० ई.) / पं. रामस्वरूप शर्मा द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

पृष्ठ 72, कुल 268 में से

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पृष्ठ 72

(५६) लीलावती।
एवमेकेनेष्टेन जातौ राशी ७/२ ५७/८ द्विकेन ३१/४ ९९३/३२
अथ द्वितीयप्रकारेणेष्टम् १ अनेन द्विगुणेन रूपं भक्तम् १/२
इष्टेन सहितं जातः प्रथमो राशिः ३/२ द्वितीयो रूपम् १
एवं राशी ३/२ १
एवं द्विकेन ९/४ २ त्रिकेन १९/६ ३ त्र्यंशेन
जातौ राशी ११/६ १/३ ॥
फैलाव-उपरोक्त नियमानुसार प्रथम राशि लानेके वास्ते इष्टकल्पना किया १/२
आधेको इसका वर्ग किया तब १/४ ऐसा रूप हुआ. इसको ८ आठसे गुणा किया
अर्थात् १/४ १ = ३२/४ १ ऐसा रूप समच्छेद करनेसे हुआ तब भिन्न गुणनकी
रीति के अनुसार अंशको अंशसे और हरको हरसे गुणा किया तब ३२/१६ ऐसा रूप
हुआ. अब अंशमें हरका भाग दिया तब २ दो लब्धि हुए. यही गुणनफल है. इसमें
१ एक घटाया तब १ एक शेष रहा. उसका आधा किया तब १/२ ऐसा रूप हुआ
इष्ट १/२ का भाग दिया अर्थात् १/२ १/२ - १/२ १/२ - १/२ २/१ = ४/४ ऐसा रूप हुआ. अंशमें
हरका भाग दिया तब १ एक लब्धि हुआ. यही पहली राशि है ॥
इसी प्रथम राशि १ का वर्ग किया तब १ एक हुआ. इसका आधा किया तब १/२
ऐसा हुआ. इसे एक भागानुबन्धकी रीतिस जोडा तब ३/२ यह दूसरा राशि हुआ.
अर्थात् १ ३/२ यही वह दोनों राशिमें हैं जिनके वर्गान्तर अथवा वर्गयोगमें एक १ घटा-
नेसे वर्गराशि वर्गमूल लेनेके योग्य हो जाता है. क्योंकि १ ३/२ इन दोनों राशियोंका
वर्ग १ ९/४ कर योग करनेसे १ ९/४ = ४/४ ९/४ = १३/४ ऐसा रूप होता है. इसमें एक
१ घटा देनेसे दूसरा राशि ३/२ वर्गमूल मिल जाता है. और १ १३/४ का अन्तर १
९/४ = ४/४ ९/४ = ५/४ ऐसा होता है. यहाँ एक घटानेसे ४/४ पहली १ राशि मूल
मिलता है ॥
और जब १ एक को इष्ट माना तो इष्ट १ एकका वर्ग कर आठसे गुणा किया तब
आठ ८ हुआ. इसमें १ घटाया तब ७ सात रहा. इसका आधा किया तब ७/२ ऐसा
रूप हुआ. इसमें इष्ट १ का भाग दिया तब प्रथमराशि ७/२ यह हुई ॥
इसी प्रथमराशिका वर्ग किया तब ४९/४ ऐसा हुआ. इसका आधा किया तब ४९/८
ऐसा रूप हुआ. इसमें भागानुबन्धकी रीतिसे १ एक जोड दिया तब ५७/८ ऐसा रूप
हुआ, अर्थात् ७/२ ५७/८ यही वह दोनों राशि हैं कि, जिनके वर्गान्तर और वर्गयोगमें
एक घटानेसे राशिवर्गमूल मिल जाता है. क्योंकि, इनका वर्ग ४९/४ ३२४९/६४ कर योग