लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)
Lilavati of Bhaskaracharya with Hindi Commentary
भास्कराचार्य द्वितीय (११५० ई.) / पं. रामस्वरूप शर्मा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंजाहिरात। (२)
नाम. की. रु. आ.
सिद्धिसागर-(राशिमाला) भाषामें-जन्मलग्नका फलनिर्णय
तथा बारह राशिके फल भली भांति लिखेहैं ... ०-२
संवत्सरफलदीपिका-भाषामें. ... ... ... ०-३
अयोध्याजातक-भाषाटीकासमेत. ... ०-४
अर्घप्रकाश-भाषाटीकासमेत। इसमें तेजी-मन्दी वस्तु
देखनेका विचार भलीभाँति लिखगयाहै. .... ०-५
आनन्दप्रकाश-भाषाटीकासमेतायह ग्रन्थ ज्योतिषियोंको
अतीवउपयोगी है। इसमें रोगकी स्थिति, असाध्यरोग
किसप्रकार शान्त होगा तथा रोगमुक्ति, स्नानदानादि
कितनेही उत्तम विषय लिखेगयेहैं. ... ... ०-३
आर्यभटीय-(ज्योतिषशास्त्र) संस्कृतटीका भाषाटीकासमेत १-०
कर्णकुतूहल-सटीक तथा उदाहरणसहित । ब्रह्मपक्षीय
गणित ग्रन्थ ... ... ०-१२
करणेन्दुशेखर-इसमें रव्यादि ग्रहोंकी सारणी भलीभाँति
दीगईहै। तथा सिद्धान्तोक्त सब विषय संक्षेपसे इसमें
आगये हैं. ... ... ०-४
कीर्त्तिपञ्चाङ्ग-संवत् १९८१ का पं० महीधरशर्माकृत । हि-
मालयादि देशोंमें यही पंचांग प्रचलितहै. ... ०-६
क्रीडाकौशल्य- भाषाटीकासमेत। इसमें-मुहूर्त,प्रश्न,मन्त्र-
यन्त्रादि साधन, पांशे, गँजीफे,ताश, दशावल्लरी ज्ञान-
पद, श्मशानद्यूत, साक्षिक्रीडा, विधिक्रीडा, इष्टदेवताद-
र्शन शतरंजके अनेकप्रकारके विचित्र खेल और बाल-
क्रीडा, रासक्रीडा आदिका वर्णन चित्रोंसमेत. ग्लेज
कागज ... .... २-०