ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)
Lalita Sahasranama with Saubhagya Bhaskara Commentary
भास्करराय मखी (सम्पादक: वासुदेव लक्ष्मण पणशीकर) द्वारा
पृष्ठ 87, कुल 272 में से
संदर्भ में पढ़ेंThe brackets are clearly there: '[ भक्ति ]'!
Let's check L10:
'प्रत्यगात्मानमैक्षदावृत्तचक्षुरमृतत्वमिच्छन्'ति ।' -> there is a single quote before ति: 'मिच्छन्'ति ।'!
L11:
'भगवन्तं सनातनमि'ति ।' -> single quote before ति!
L11:
'ईश्वरप्रणिधानाद्वे'ति'
L13:
'मानाभ्या'मिति ।'
L14:
'परंतपे'ति'
L17:
'ब्रह्मसंस्थोऽमृतत्वमेती'ति'
L18:
'तत्संस्थस्यामृतत्वोपदेशादि'ति'
L19:
'तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशादि'ति'
L22:
'दुःखिता' इति ।'
L24:
'लक्ष्यार्था लक्षणागम्ये'ति ।'
L25:
'हीति' जैमिनिसूत्रे'
L28:
'स्वगतये'ति'
L30:
'कुतश्चने'ति'
L32:
'कीर्तये'दिति ।'
All of these have the closing quotation mark right before 'ति'! This shows the exact typography of the book.
Now, regarding L14:
If we write 'त्वनन्यया', wait, why would we change 'ल