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सर्वकोश
ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)

ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)

Lalita Sahasranama with Saubhagya Bhaskara Commentary

भास्करराय मखी (सम्पादक: वासुदेव लक्ष्मण पणशीकर) द्वारा

DevanagariSanskritpublished272 पृष्ठ

पृष्ठ 243, कुल 272 में से

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पृष्ठ 243

द्य?
No, it's a single letter with ु! It's नु!
Wait, could it be नृत्यान्तरानुगुण्याय? Yes, नृत्यान्तरानुगुण्याय!

  • णगुणनिकापूर्वावलोकनपाठनादिकमनपेक्ष्यैव सर्वा अपि विद्या अविस्मृतास्तिष्ठन्ति ।
  • अध्ययनं त्वपेक्षितमेव । विद्याप्राप्तौ गुरोरेवासाधारणकारणत्वादिति भावः ॥ २७४ ॥
    Wait, in line 29: "अध्ययनं त्वपेक्षितमेव ।"
    Look at the image: अध्ययनं त्वपेक्षितमेव?
    Wait, look at line 29, the second word:
    अध्ययनं then त्वपेक्षितमेव?
    Look at the characters:
    अ ध्य य नं then त्व?
    Wait, the letter is ल?
    Look at line 29: अध्ययनं लपेक्षितमेव or त्वपेक्षितमेव?
    Wait! It looks like त्वपेक्षितमेव: त् + व = त्व.
    Wait, does it have a loop? No, look at त्व: in यस्त्वेकवारं (line 9):
    Look at `स्त