ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)

ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)
Lalita Sahasranama with Saubhagya Bhaskara Commentary
भास्करराय मखी (सम्पादक: वासुदेव लक्ष्मण पणशीकर) द्वारा
DevanagariSanskritpublished272 पृष्ठ
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द्य?
No, it's a single letter with ु! It's नु!
Wait, could it be नृत्यान्तरानुगुण्याय? Yes, नृत्यान्तरानुगुण्याय!
- णगुणनिकापूर्वावलोकनपाठनादिकमनपेक्ष्यैव सर्वा अपि विद्या अविस्मृतास्तिष्ठन्ति ।
- अध्ययनं त्वपेक्षितमेव । विद्याप्राप्तौ गुरोरेवासाधारणकारणत्वादिति भावः ॥ २७४ ॥
Wait, in line 29: "अध्ययनं त्वपेक्षितमेव ।"
Look at the image:अध्ययनं त्वपेक्षितमेव?
Wait, look at line 29, the second word:
अध्ययनंthenत्वपेक्षितमेव?
Look at the characters:
अ ध्य य नंthenत्व?
Wait, the letter isल?
Look at line 29:अध्ययनं लपेक्षितमेवorत्वपेक्षितमेव?
Wait! It looks likeत्वपेक्षितमेव:त्+व=त्व.
Wait, does it have a loop? No, look atत्व: inयस्त्वेकवारं(line 9):
Look at `स्त