ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)

ललिता सहस्रनाम: सौभाग्यभास्कर भाष्य (भास्करराय मखी प्रणीत मूर्धन्य शाक्त भाष्य)
Lalita Sahasranama with Saubhagya Bhaskara Commentary
भास्करराय मखी (सम्पादक: वासुदेव लक्ष्मण पणशीकर) द्वारा
DevanagariSanskritpublished272 पृष्ठ
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or भजन् मर्त्यः? Let's look: भ ज न्म र्त्यः -> भजन्मार्त्यः? No, भजन् मर्च्यः? भजन् मर्त्यः with half-na: भजन् मर्त्यः or भजन्मार्त्यः?
Wait, look at भजन् मर्त्यः:
भ ज न्म र्त्यः -> भजन् मर्च्यः? No, it's भजन् मर्त्यः -> the न् is joined to म: भजन्मर्त्यः!
Wait, let's look at the letter: भ ज न्म र्त्यः - न्म has a loop of न् attached to म: भजन्मर्त्यः.
Wait, कैवल्यपदमश्नुत'इति -> अश्नुत'इति or अश्नुत इति? अश्नुत'इति with single quote.
तिसृभ्यो मूर्तिभ्यः
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पुरातनत्वात्त्रिपुरा । तदुक्तं 'मूर्तित्रयस्यापि पुरातनत्वात्तदम्बिकायास्त्रिपुरेति नामे'ति ।पुरातनत्वात्त्रिपुरा ।