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सर्वकोश
कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary

महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

पृष्ठ 34, कुल 268 में से

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पृष्ठ 34

( १५ )
general truth. In the verse first two lines contain
a particular statement and the latter two a general
one. It is very often used by Kalidasa.
Some books read स्थिरेच्छां for ध्रुवेच्छाम् ।
CHANGE OF VOICE —इति अनुशासत्या मेनया ध्रुवेच्छा
सुता उद्यमात् नियन्तु न शेके । ईप्सितार्थस्थिरनिश्चयं मनो
निम्नाभिमुखं पयश्च केन प्रतीप्येयाताम् ? ॥ ५ ॥
HINDI TRANSLATION :—इस प्रकार उपदेश देने वाली
मेना स्थिर इच्छा वाली (अपनी) पुत्री को (उसके) निश्चय
से न हटा सकी । चाही हुई वस्तु के लिये दृढ निश्चय वाले
मन को और नीचे की ओर जाते हुये जल को कौन पलट
सकता है ? ॥ ५ ॥
ENGLISH TRANSLATION —Mena, thus exhorting, could
not ward off her daughter, who was firm in her desire,
from her resolve who can turn back a mind of fixed
determination for (the achievement of) a desired object,
or water flowing towards a low ground ?
PURPORT IN SANSKRIT —मेना पार्वतीं निवारयितुमत्यन्त-
मयतत विविधप्रकारेण च तामुपदिदेश परन्तु स्वोद्देश्ये सफलतां
नाप्रात् यतो गौरी तपोऽनुष्ठाने शिवानुनये च कृतनिश्चयासीत् ।
तथा हि—प्राप्तव्ये वस्तुनि गूढमभिनिविष्टं मनो नीचैर्गच्छज्जल वा
विरुद्धं कर्त्तुं प्रवाहितु वा न शक्यते ॥ ५ ॥
कदाचिदासन्नसखीमुखेन सा
मनोरथज्ञं पितरं मनस्विनी ।
अयाचतारण्यनिवासमात्मनः
फलोदयान्ताय तपःसमाधये ॥ ६ ॥