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सर्वकोश
कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary

महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

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पृष्ठ 259

( २४२ )
VI. (a) यदूढया—यत् + ऊढया = वह + क्त + आ ( टाप् )—
ऊढा तया ऊढया
निषेदुषी—नि + सद् + क्वसु + ङीप् ।
(b) प्रचक्रमे—यह प्र पूर्वक क्रम धातु के लिट् के अन्य
पुरुष का एक वचन है। प्र + क्रम् + लिट् अन्य पुरुष
एकवचन ।
QUESTIONS 1939.
I. Explain the following in Sanskrit in tika
form .—
(a) किमित्यपास्याभरणानि यौवने
धृतंत्वया वार्धकशोभिबल्कलम् ।
वद प्रदोषे स्फुटचन्द्रतारका
विभावरी यद्यरुणाय कल्पते ॥
or
(b) अथाजिनाषाढधरः प्रगल्भवाग्
ज्वलन्निव ब्रह्ममयेन तेजसा
विवेश कश्चिज्जटिलस्तपोवनम्
शरीरबद्धः प्रथमाश्रमो यथा
II. Translate the following into English or
Hindi
(a) कियच्चिरं श्राम्यसि गौरि विद्यते
ममापि पूर्वाश्रमसञ्चितं तपः