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सर्वकोश
कुलार्णव तन्त्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

कुलार्णव तन्त्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

Kularnava Tantra with Hindi Commentary

भगवान शिव / पं. भद्रशील शर्मा द्वारा

स्रोत: कल्याण मन्दिर प्रयाग · कल्याण मन्दिर प्रयाग · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished84 पृष्ठ

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साधनमाला ३
पीड़ित स्वधर्मज्ञान रूपी पुष्प और स्वकुलोक्त ( अर्थात् अपने
कुल में जो बातें प्रचलित हैं, ऐसे ) फलवाले कल्पवृक्ष की छाया
का आश्रय ग्रहण करे । हे पार्वति ! अधिक कहने से क्या
लाभ । रहस्य की बात सुनो । कुलधर्म के सिवा मुक्ति नहीं है,
यह सत्य है, इसमें सन्देह नहीं है । गुरुमुख से उस तत्त्व को
जानकर हे देवि ! इस घोर संसार के बन्धन से जीव सहज ही
मुक्त हो जाता है ।