सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
कृषि-पाराशर (महर्षि पराशर - प्राचीन भारतीय कृषि, मृदा-परीक्षण, वर्षा-पूर्वानुमान व बीज-संस्कार)

कृषि-पाराशर (महर्षि पराशर - प्राचीन भारतीय कृषि, मृदा-परीक्षण, वर्षा-पूर्वानुमान व बीज-संस्कार)

Krishi-Parashara of Maharshi Parashara

महर्षि पराशर (सम्पादक: गिरिजाप्रसन्न मजूमदार एवं सुरेशचन्द्र बनर्जी) द्वारा

DevanagariSanskritpublished160 पृष्ठ

पृष्ठ 148, कुल 160 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 148

Index 5
न वल्मीके 161 पञ्चपदा तु ४५
नवहस्ता तु 118 पञ्चहस्ता भवेद्दोषा 113
न वापयेत्तिथौ 173 पञ्चसंख्या तु 143
न विघ्नोपशम 236 पञ्चम्यादिषु पञ्चसु 43
न ऋक्षरूप' 184 पञ्चाङ्गुल्यधिको 117
न व्याधिकीट 195 पदे पदे विफलता 211
न सम्यक्फलम् 189 परमान्न' च 222
नानाव्याधि 104 पशवस्तस्य नश्यन्ति 107
नानाफलैश्च मूलैश्च 223 पितुरन्तःपुरं दद्यात् 80
नासालीढां प्रकुर्वीत 150 पितृदेवातिथीनां 98
नित्यं तु 97 पुरा पराशरेणोयं 234
नित्यं दशहले 97 पुष्करे दुष्कर' 25
निपाते कर्षकस्यापि 147 पुष्पैरभरणं कृत्वा 227
निरामिषैस्तथा 222 पुष्यश्रवणहस्तेषु 106
निरूप्य नीरं 28 पुष्यश्रवणहस्तासु 121
निर्योलपाशिका 114 पुष्ययात्रां जनाः 221
निर्वांते वृष्टि 31 पुष्ययात्रां न 236
निर्विघ्नां शस्य 138 पुष्पेणोपचितान् 74
निविष्टो विष्टरे 137 पूजयित्वा नलं 199
निष्पन्नमपि यत् 189 पूजयित्वा यथान्याय' 207
निष्फला कर्कटे 155 पूर्वाल्य' धनिप्रा 105
निःसरन्ति गवां 88 पूर्वार्धे वासरो 32
निस्तृणा हि 192 पृथिवी धूलि 14
नृपाणां वर्धनं 20 पृथिवीं ग्रहसंयुक्तां 131
नैर्ऋत्यां शस्य 59 पृथिव्यां चतुरो 29
नैरुज्यं सुप्रचारश्च 18 पौषे यदा 34
नैरुज्यार्थं हि 193 पौषे मासि 35, 237
नोच्छिष्ट' स्पर्शयेत् 162 पौषे मेधि 219
न्यग्रोधः सप्त 216 प्रजापतिं नमस्कृत्य
पक्षयोः शोषणं 70 प्रणमेद् वामनं 137