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सर्वकोश
कृषि-पाराशर (महर्षि पराशर - प्राचीन भारतीय कृषि, मृदा-परीक्षण, वर्षा-पूर्वानुमान व बीज-संस्कार)

कृषि-पाराशर (महर्षि पराशर - प्राचीन भारतीय कृषि, मृदा-परीक्षण, वर्षा-पूर्वानुमान व बीज-संस्कार)

Krishi-Parashara of Maharshi Parashara

महर्षि पराशर (सम्पादक: गिरिजाप्रसन्न मजूमदार एवं सुरेशचन्द्र बनर्जी) द्वारा

DevanagariSanskritpublished160 पृष्ठ

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खताराराशियुतेचन्द्रे लग्नस्थे...शुभम् ।
अस्मिन्योगेगवां दोहः शुभक्षीर... ॥
सूर्यवारेरवौ लग्नेकुजमन्दांशसंयुते ।
पौष्णेजीवांशके कुर्यात्कस्यचिन्मन्थनं बुधः ॥
गृहारम्भस्तम्भकवाटाद्यश्वादीनांगवाञ्च
...स्तम्भादिविधि :-
... ... जोवलनेस्मरेन्भुगे ।
... विनाविघ्नैः प्रारब्धानि प्रसिद्ध्यन्ति ॥
शुक्लपक्षस्यखातोयोगेविधूदये... ।
विक्रयेसिद्धियात्रायातिशुभप्रदाः ॥
सर्वतजीवसग्नेन्दोः ... ... ।
खस्थेऽर्केऽर्थानुगृह्णीयात्प्रारब्धंच ... ॥
विष्णुशूर्पयमान्त्यांशेष्वलीक ... वदेत् ।
व्यावहारिकवाक्यानि...स्यादात्मनोधनम् ॥
रोहिणीशूर्पयाम्यानां अन्त्योरिवृषिकोदये ।
व्यवहारो जयायस्यादाहवेवचनेषुभिः ॥
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