केनोपनिषद् (पदभाष्य व वाक्यभाष्य सहित)
Kena Upanishad with Pada & Vakya Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 149, कुल 152 में से
संदर्भ में पढ़ेंकल्याणके पुनर्मुद्रित विशेषाङ्क
कल्याण वर्ष | सन् | नाम
८ | १९३४ | शिवाङ्क
९ | १९३५ | शक्ति-अङ्क
१० | १९३६ | योगाङ्क
१२ | १९३८ | संत-अङ्क
१५ | १९४१ | साधनाङ्क
१९ | १९४५ | सं० पद्मपुराणाङ्क
२१ | १९४७ | सं० मार्कण्डेय-ब्रह्मपुराणाङ्क
२२ | १९४८ | नारी-अङ्क
२४ | १९५० | हिन्दू-संस्कृति-अङ्क
२५ | १९५१ | सं० स्कन्दपुराणाङ्क
२६ | १९५२ | भक्त-चरिताङ्क
२७ | १९५३ | बालक-अङ्क
२८ | १९५४ | सं० नारद-विष्णुपुराणाङ्क
३० | १९५६ | सत्कथा-अङ्क
३१ | १९५७ | तीर्थाङ्क
३४ | १९६० | सं० श्रीमद्देवीभागवताङ्क
३५ | १९६१ | सं० योगवासिष्ठाङ्क
३६ | १९६२ | सं० शिवपुराण
३७ | १९६३ | सं० ब्रह्मवैवर्तपुराणाङ्क
३९ | १९६५ | श्रीभगवन्नाम महिमा
| | और प्रार्थना-अङ्क
४३ | १९६९ | परलोक और पुनर्जन्माङ्क
४४-४५ | १९७०-७१ | गर्गसंहिता
४९ | १९७५ | श्रीहनुमान-अङ्क
६७ | १९९३ | शिवोपासनाङ्क