सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
काव्यालङ्कार (आचार्य भामह - भारतीय काव्यशास्त्र एवं अलङ्कार-सिद्धान्त मूल महाग्रन्थ सटीक)

काव्यालङ्कार (आचार्य भामह - भारतीय काव्यशास्त्र एवं अलङ्कार-सिद्धान्त मूल महाग्रन्थ सटीक)

Kavyalankara of Acharya Bhamaha with Commentary

आचार्य भामह (सम्पादक: पण्डित देवेन्द्रनाथ शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished230 पृष्ठ

पृष्ठ 11, कुल 230 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 11

TABLE OF CONTENTS
प्रथमः परिच्छेदः ।
(Pages 1 to 50)
श्लोकः
मङ्गलं 1
काव्यफलम् 2
अकविनिन्दा 3-5
सत्कविप्रशंसा 6-8
काव्यसामग्री 9-11
कुकविनिन्दा 12
अलंकारविचारः 13-15
काव्यलक्षण 16
काव्यस्य द्विधा विभागः ,,
,, त्रिधा ,, ,,
,, चतुर्धा ,, 17
,, पञ्चधा ,, 18

  1. सर्गबन्धः or महाकाव्यं 19-23
  2. अभिनेयार्थ 24
  3. आख्यायिका & 25-29
  4. कथा
  5. अनिबद्धं 30
    वैदर्भगौडीयविचारः 31-36
    षट् काव्यदोषाः 37-46
  6. नेयार्थ 38-39
    2 & 3. क्लिष्टं अन्यार्थं च 40
  7. अवाचकं 41
  8. अयुक्तिमत् श्लो. 42-44
  9. गूढशब्दाभिधानं 45-46
    अपरे चत्वारो दोषाः 47-53
  10. श्रुतिदुष्टं 48-49
  11. अर्थदुष्टं 50-51
  12. कल्पनादुष्टं 52
  13. श्रुतिकष्टं 53
    दोषापवादः 54-58
    द्वितीयः परिच्छेदः ।
    (Pages 51 to 127)
    माधुर्य-प्रसाद-ओजसां विचारः
    श्लो. 1-3
    भामहेन प्रोक्तानाम् अलंकाराणाम्
    अनुक्रमणी ।
    शब्दालंकारौ
  14. अनुप्रासः श्लो. 5-8
    ग्राम्यानुप्रासः 6
    लाटानुप्रासः 8
  15. यमकं 9-20
    i. आदियमकं 11
    ii. मध्यान्तयमकं 12
    iii. पादाभ्यासं 13
    iv. आवली 14
    v. समस्तपादयमकं 15