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सर्वकोश
कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)

कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)

Kaushitaki Shankhayana Brahmana with Udaya Commentary

महर्षि कौषीतकि (टीकाकार: उदयसूरि) द्वारा

DevanagariSanskritpublished119 पृष्ठ

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210 Appendix III
सवितृप्रसूततायै । V. 2. ६; VIII. 1. ११; 5. ८; IX. 5. ९.
सवितृप्रसूतस्य ह वै न काचन रिष्टिर्भवत्यरिष्ट्यै । VIII. 1. १२; 5. ९; IX. 5. १०.
स्वर्ग एव तल्लोके यजमानं दधाति । XIV. 3. ३३; XV. 6. ३०; XVIII. 4.
२२.
स्वस्त्ययनमेव तत् कुरुते । III. 2. २; XI. 1. ५.