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करणकुतूहलम् (भास्कराचार्य द्वितीय - सुमेध हिन्दी व्याख्या सहित पञ्चाङ्ग एवं ग्रह-गणित)

Karanakutuhalam of Bhaskaracharya with Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (टीकाकार: पं. रामचन्द्र पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished155 पृष्ठ

९४
विक्रय्यपुस्तकें–ज्योतिषग्रन्थाः ।
नाम. की. रु. आ.
लीलावती सान्वय भाषाटीका अत्युत्तम .... ... ... १-८
बृहज्जातकसटीक भट्टोत्पलीटीकासमेतजिल्द ... ... १-१२
बृहज्जातकमहीधरकृतभाषाटीका अत्युत्तम ' ... ... १-८
वर्षदीपकपत्रीमार्ग ( वर्षजन्मपत्र बनानेका ) .... ... ०-४
मुहूर्त्तचिन्तामणि प्रमिताक्षरा रफ रु. १ ग्लेज ... .... १-८
मुहूर्त्तचिन्तामणि पीयूषधारा टीका ... ... ... २-८
ताजिकनीलकण्ठीसटीकतंत्रत्रयात्मक ... ... ... १-०
ताजिकनीलकण्ठी तंत्रत्रयात्मक महीधरकृत भाषाटीका
अत्युत्तम टैपकी छपी ... ... ... १-८
ज्योतिषसार भाषाटीकासहित ... ... .... ... १-०
मुहूर्त्तचिन्तामणिभाषाटीका महीधरकृत ... ... १-०
मानसागरीपद्धति ( जन्मपत्रबनानेमेंपरमोपयोगी ) .... १-०
बालबोधज्योतिष ... .... ... ... ... .... ०-२
ग्रहलाघव सान्वय सोदाहरण भाषाटीका समेत ... .... १-०
जातकसंग्रह ( फलादेश परमोपयोगी ) ... ... .... ०-१२
चमत्कारचिन्तामणि भाषाटीका ... ... ... ०-४
जातकालंकारभाषाटीका ... ... ... ०-६
बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम्–पूर्वखण्ड सारांश मूल व उत्तर खण्ड
संस्कृतटीका तथा भाषाटीका सहित... ... ... ५-०
जातकालंकार सटीक ... ... ... ... ०-६
जातकाभरण .... ... ... ... ०-१२
प्रश्नचंडेश्वर भाषाटीका ... ... ... ... ०-१२
पंचपक्षी सटीक .... ... ... ... ... ०-४
पंचपक्षी सपरिहार भाषाटीका समेत ... ... ... ०-६
लघुपाराशरी भाषाटीका अन्वय सहित ... ... ... ०-३

( १५६ ) जाहिरात ।
नाम. की. रु. आ.
मुहूर्त्तगणपति ... ... ... ... ... ... ०-१२
मुहूर्त्तमार्त्तण्ड संस्कृत टीका व भाषाटीका सहित... ... १-०
शीघ्रबोधभाषाटीका ... ... ... ... ... ०-६
षट्पंचाशिका भाषाटीका... ... ... ... ... ०-३
भुवनदीपक सटीक ४ आं०, तथा भाषाटीका ... ... ०-८
जैमिनिसूत्रसटीक चार अध्यायका ... ... ... ०-६
रमलनावरत्न मूल ... ... ... ... ... ... ०-८
केशवीजातक सोदाहरण भाषाटीका चक्रों समेत ( अतिव-
उपयोगी ) ... ... ... ... ... ... १-८
सर्वार्थचिंतामणि ... ... ... ... ... ०-१०
लघुजातकसटीक ... ... ... ... ... ०-५
लघुजातक भाषाटीका ... ... ... ... ... ०-८
सामुद्रिकभाषाटीका ... ... ... ... ... ०-४
सामुद्रिकशास्त्र बड़ा सान्वय भाषाटीका ... ... ... १-४
वृद्धयवनजातक भाषाटीकासह ... ... ... ... १-०
यवनजातक ... ... ... ... ... ... ०-२
संपूर्ण पुस्तकोंका “बड़ासूचीपत्र” अलग है, आध
आनेका टिकट भेजकर मँगालीजिये.
पुस्तकोंके मिलनेका पता—
खेमराज श्रीकृष्णदास,
“श्रीवेङ्कटेश्वर” छापाखाना, खेतवाड़ी-बंबई.