कल्याण: उपनिषद् अङ्क
Kalyan Upanishad Ank
गीताप्रेस द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 622, कुल 832 में से
संदर्भ में पढ़ें५७६ * नृसिंहपूर्वतापनीयोपनिषद् * [ उपनिषद् ४
ॐ द्रूं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च मृत्युर्भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २४ ॥
ॐ मूं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च यमो भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २५ ॥
ॐ त्युं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्चान्तको भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २६ ॥
ॐ मृं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च प्राणो भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २७ ॥
ॐ त्युं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च सूर्यो भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २८ ॥
ॐ नं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च सोमो भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ २९ ॥
ॐ मा ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च विराट् पुरुषो
भूर्भुव स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ ३० ॥
ॐ म्य ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च जीवो भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ ३१ ॥
ॐ हुं ॐ यो वै नृसिंहो देवो भगवान्यश्च सर्वं भूर्भुव
स्वस्तस्मै वै नमो नम ॥ ३२ ॥
'ॐ (उ) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान्
नृसिंहदेव हैं, जो कि ब्रह्मा एव भू भुवःस्व - त्रिभुवनरूप
हैं, उन्हीं को हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ (ग्र) निश्चय
ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि विष्णु
एव भू-भुवःस्वः - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार
नमस्कार है। ॐ (वीं) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध
भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि महेश्वर तथा भू-भुव. और
स्व - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (र) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेन
हैं, जो कि पुरुष एव भू-भुव स्व.-त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें
ही हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ (म) निश्चय ही जो वे
परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि ईश्वर एव भू-भुव.-
स्व - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (हा) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव
हैं, जो कि सरस्वती एव भू-भुव स्व - त्रिभुवनरूप है, उन्हें
ही हमारा वारंवार नमस्कार है। ॐ (विं) निश्चय ही जो वे
परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि श्री एव भू-भुव-
स्व - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (ष्णु) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव
हैं, जो कि गौरी एव भू भुव स्व - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हे
ही हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ (ज्व) निश्चय ही जो
वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव है, जो कि प्रकृति एव भू.-
भुवः स्वः-त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार
है। ॐ (ल) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान्
नृसिंहदेव हैं, जो कि विद्या एव भूः-भुवः स्वः-त्रिभुवनरूप
हैं, उन्हे ही हमारा वारवार नमस्कार है। ॐ (त) निश्चय
ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि ॐकार
एव भू. भुव' स्व.- त्रिभुवनरूप है, उन्हे ही हमारा बारवार
नमस्कार है। ॐ (स) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध
भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि चार अर्धमात्रा एव भूः-भुव.-
स्व'- त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (वं) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव
हैं, जो कि अङ्ग, शाखा और इतिहाससहित वेद एव भू.-
भुव स्व - त्रिभुवनरूप है, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार
है। ॐ (तों) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान्
नृसिंहदेव हैं, जो कि पाँच अग्नियों एव भूः-भुवःस्वः -
त्रिभुवनरूप हैं, उन्हे ही हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ
(मु) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं,
जो कि सात महाव्याहृतियाँ एव भू'-भुव, स्वः- त्रिभुवनरूप
हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ (ख) निश्चय
ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि आठ
लोकपाल एव भू'-भुवः स्व.-त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा
बारवार नमस्कार है। ॐ (तृ) निश्चय ही जो वे परम
प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव है, जो कि आठ वसु एव भूः-भुवः-
स्वः- त्रिभुवनरूप हैं, उन्हे ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (सिं) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव
है, जो कि ग्यारह रुद्र एव भू'-भुवः-स्व.-त्रिभुवनरूप हैं,
उन्हे ही हमारा वारवार नमस्कार है। ॐ (ह) निश्चय ही
जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि बारह
आदित्य एव भू.-भुव. स्व-त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा
वारवार नमस्कार है। ॐ (र्भी) निश्चय ही जो वे परम
प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि आठ ग्रह एव भूः-भुव.-
स्व - त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है।
ॐ (ष) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव
हैं, जो कि पञ्च महाभूत एव भू'-भुव. स्वः- त्रिभुवनरूप हैं,
उन्हें ही हमारा बारवार नमस्कार है। ॐ (ण) निश्चय ही
जो वे परम प्रसिद्ध भगवान् नृसिंहदेव हैं, जो कि काल एव
भूः-भुव स्व.-त्रिभुवनरूप हैं, उन्हें ही हमारा बारवार
नमस्कार है। ॐ (भ) निश्चय ही जो वे परम प्रसिद्ध भगवान्