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कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

जाहिरात । ( ३ )
नाम. की. रु. आ.
दादूरामोदय संस्कृत—दादूपंथी साधुओंको ... ... ... ०-१०
श्यामकामकैलि ... .... ... ... ... ... ... ०-४
परमेश्वरशतक .... ... ... ... ... .... ०-६
भक्तिप्रबोध ... ... .... ... ... .... ०-२
भावपंचाशिका कविवृंदजीकृत ... .... ... ... ... ०-२
प्रेमशतक ... ... ... ... ... .... ०-४
मदनमुखचपेटिका भाषाटीका .... ... .... ... .... ०-४
प्रेमवाटिका भाषा ( रोचक भजन ) .... ... ... ... ०-२
हनुमत्पताका छन्दबद्ध ( वीररसके रोचककवित्त ) .... .... ०-३
नामप्रताप छन्दबद्ध ( श्रीरामनाम माहात्म्य ) ... ... ... ०-१॥
शृंगारांकुर भाषा—छन्दबद्ध ( रसकाव्य ) ... ... ... ०-२
जगन्नाथशतक—इसमें रघुराजसिंह रीवाँधिपतिके बनायेहुये १००
कवित्त विनयके हैं ... ... .... ... ... ... ०-३
नैषधकाव्य मनहरणछन्दोमें राजा नल
दमयन्तीका सम्पूर्ण उदाहरणों समेत चरित्र .... ... १-०
सुन्दरीतिलक ( शृंगाररसके चुहचुहाते हुए
कवित्त भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्रजी संगृहीत ) ... .... ०-६
विक्रमविलास ( छन्दबद्ध वैतालपचीसी ) .... ... ... ०-८
मसलानामा ( मसलोंके उदाहरणमें शिक्षावर्णन ) .... .... ०-२
काव्यसंग्रह ( प्राचीन रोचक कवित्त सवैया ) ... .... ... ०-८
काव्यरत्नाकर ( एक २ समस्यामें रोचकता
पूर्वक अनेक कवियोंकी चातुरीके कवित्त ) .... .... ... ०-८
आरती संग्रह २९ आरतीका .... ... .... ... .... ०-१॥
हनुमानसाठिका ( हनुमानजीकें ओजवर्द्धक ६० कवित्त ) ... ०-१॥
भाषाभूषण ( नायकाभेद मधुर छंदबद्ध ) .... ... ... ०-२
अनुरागरसभाषा ( नारायणस्वामिकृत ) पद्योंमें.... ... ... ०-३

( ४ ) जाहिरात ।
नाम. की. रु. आ.-
प्रेमपुष्पमंजरी ( अच्छे २ भजन व पंजाबदेशके भी पद हैं.... ०-२
कृष्णचरितावली ( कृष्णकी छोटी २ लीला ) ... ... ... ०-४
प्रेमपचासा ( चित्रकाव्य ) ... ... .... ... .... ०-३
सुदामाचरित्र अत्युत्तम छंदबद्ध ... .... ... ... ... ०-३
होलीचौताल संग्रह ... ... .... ... ... ... ०-४
सुदामाकी बारहखड़ी ... ... .... .... ... ०-१
द्रौपदीकी बारहमासी ... ... ... ... ... ०-१
दुर्गाचालीसी ... ... ... ... ... .... ०-१
माता पिता पूजनविधि .... ... .... .... ... ०-१
बारहमासी संग्रह ... ... .... .... ... ०-१॥
हरदेवकी बारहखड़ी कलियुगका चरित्र ... ... ... ... ०-२
छन्दरत्नमाला [ पिंगल ] ... ... ... ... ०-२
गोपीवियोगकी बारहखड़ी [ लालाशालिग्रामकृत दत्तलालकी बारहखडी
सहित ] ... .... ... ... ... .... ०-२
नशाखण्डनचालीसी ४० कवित्तोंमें सब नशोंका खण्डन... ... ०-२
मिलापदर्पण ( मेलमिलाप शिक्षा ) ... ... ... ०-२
श्राद्धदर्पण ( श्राद्धमण्डन ) ... ... ... ... ०-२
ब्रह्मज्ञानदर्पण ... ... ... ... ... ०-२
पंजाबपंकजपराग [ महन्त रघुवीरदासकृत ] ... ... ... ०-४
प्रेमपुष्पलता ( उत्तमभजन ) .... ... ... ... .... ०-८
कबीरउपासनापद्धति- ( साधारणतःसर्वसाधारणको और विशेषतः कबीर
पंथियोंको सदाचार बतानेवाली अद्वितीय पुस्तक ) ... ०-१०
संपूर्ण पुस्तकोंका " बड़ा सूचीपत्र " अलग है मँगालीजिये.
पत्ता-खेमराज श्रीकृष्णदास,
“ श्रीवेङ्कटेश्वर ” ( स्टीम् ) प्रेस-बंबई.