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सर्वकोश
हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)

हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)

Hastyayurveda Gajashastra of Palakapya Muni with Commentary

पालकाप्य मुनि (सम्पादक: पं. शिवदत्त शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished742 पृष्ठ

पृष्ठ 324, कुल 742 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 324

` (sg)

  • जृम्भते (sg)
  • वेपते (sg)
  • स्तनयत्यपि (sg)
  • अभिनमति (sg)
  • उन्नमत्यपि (sg)
    So the verb is उन्नमत्यपि!
    Then what is before उन्नमत्यपि?
    विनमन् (present participle, masculine singular, nominative: विनमन् = while bending down)!
    विनमन् + उन्नमत्यपि -> in Sanskrit sandhi:
    विनमन् + उन्नमत्यपि = विनमन्नुन्नमत्यपि!
    Wait! But that has 8 syllables only if विनमन् is 3 and उन्नमत्यपि is 5:
    वि-न-मन्-नुन्-न-म-त्य-पि:
    1: वि
    2: न
    3: मन्
    4: नुन्
    5: न
    6: म
    7: त्य
    8: पि
    YES! THAT IS EXACTLY 8 SYLLABLES!
    1: वि (laghu)
    2: न (laghu)
    3: मन् (guru)
    4: नुन् (guru)
    5: न (laghu) <---