हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)

हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)
Hastyayurveda Gajashastra of Palakapya Muni with Commentary
पालकाप्य मुनि (सम्पादक: पं. शिवदत्त शर्मा) द्वारा
DevanagariHindipublished742 पृष्ठ
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• हस्त्यायुर्वेदाध्यायविषयानुक्रमे—
अथ तृतीयं शल्यस्थानम् ।
[वामभागः / Left Column]
| विषयाः | अ० |
|---|---|
| ...णामात्मयोन्यधिष्ठानाकृतिस्वावश- | |
| ...र्कमाणां भेदसंख्याकथनं त्रिविधयोनि- | |
| ...कथन मष्टविधाधिष्ठानलक्षणकथनं शुद्धा- | |
| ...द्वेविधस्रावस्य वस्तुविशेषेण चतुर्विंशति- | |
| ...लक्षणकथनं त्रिविधात्मनः साध्यासाध्य- | |
| ...कथनं द्विविधशल्यस्य लक्षणकथनमु- | |
| ...पञ्चकस्य लक्षणकथनं षड्दोषाणां लक्ष- | |
| ...णं लेपधूपरोपणादिप्रकारकथनं च ... | १ |
| ...सिंहव्याघ्रादिनखजस्याग्निक्षारविषादिजस्य | |
| ...सद्यःक्षतस्य प्रत्येकं निदानकथनम् ... | २ |
| ...सद्यःक्षतस्य चिकित्साकथनम्, सामान्य- | |
| ...चेष्टलक्षणकथनं वैद्यं प्रति गच्छतो | |
| ...य लक्षणादिकथनं वैद्यगमने शुभाशुभनि- | |
| ...तिथिनक्षत्रादिकथनमामच्छेदकारणतद्भे- | |
| ...नं जाठराग्निकृतपाचनप्रकारादिकथनं च | ३ |
| ...डत्योपचारकथनम् ... ... ... | ४ |
| ...वातपित्तकफजव्रणानां प्रत्येकमुत्पत्तिलक्ष- | |
| ...णं व्रणानामेकोनविंशत्याकृतिकथनं सा- | |
| ...र्द वस्तुविशेषत्रयकथनं च । पकापक्व- | |
| ...मानश्वयथुग्रन्थीनां लक्षणकथनं चतुष्ष- | |
| ...ष्टिद्व्रणोपक्रमकथनं च ... ... | ५ |
| ...पृथिव्यादिपञ्चभूतानां नामगुणक्रियाकथनं | |
| ...तज्जन्यवस्तुकथनं च । शरीरस्थसप्त- | |
| ...तां नामकथनम्, वातपित्तकफकृत- | |
| ...क्रियाकथनम्, आहारोपचारक्रियाकथ- | |
| ... स्वेदजाद्विचतुर्विधप्राणिनामन्तर्भेदक- | |
| ... प्राणादिपञ्चकस्य मानसादिचतुष्ट- | |
| ...षाऽऽनुकूल्ये विप्रतिपन्नत्वे च कार्य- | |
| ...तम्, षड्रसानां नामगुणक्रियाकथनम्, | |
| ...र्ग्यादिचतुर्दशवस्तूनां प्रत्येकमन्त- | |
| ...र्लक्षणक्रियाचिकित्सादिकथनम्, | |
| ...नं, कथनमेतत्सर्वज्ञस्य वैद्यत्व- | |
| ...थनं ... ... ... | ६ |
| ... त्रुटिलवनिमेषादिब्रह्मादिनान्त- | |
| ... नामकथनमनीश्वरेच्छावशाज्जगदु- | |
| ...थनं गर्भोत्पत्तिप्रकारकथनं गर्भ- | |
| ...तिमास...व...वोत्पत्तिरकथनं |
[दक्षिणभागः / Right Column]
| विषयाः | अ० |
|---|---|
| धातूनां नामकथनं च ... ... ... | ७ |
| ऋतुमतीलक्षणकथनं गर्भिणीलक्षणकथनं | |
| विस्तरेण गर्भधारणप्रकारकथनमवयवेन्द्रियो- | |
| त्पत्तिवृद्धिप्रकारकथनं पुंस्त्रीषण्ढोत्पत्तिकारण- | |
| कथनमवयवगतश्वेतकृष्णत्वादिहेतुकथनं वा- | |
| तपित्तकफप्रकृतिलक्षणकथनं भद्रायनेकजा- | |
| त्युत्पत्तिहेतुलक्षणादिकथनं च ... ... | ८ |
| शरीरस्यदन्तनखमर्मशिरास्थिसन्ध्यादीनां | |
| स्थानसंख्याकथनं वातपित्तकफरक्तादीनां | |
| स्थानकथनं च ... ... ... | ९ |
| शस्त्रप्रणिधानप्रकारकथन मग्निप्रणिधानप्र- | |
| कारकथनं च ... ... ... | १० |
| स्तम्भयन्त्रणाप्रकारकथनं प्रतिकर्मक्रिया- | |
| कथनं यन्त्रयोग्यायोग्यवृक्षतत्पूजादिकथनं | |
| यन्त्रनिर्माणप्रकारकथनं तद्गतदेवतोद्देश्यकपूं- | |
| जनहवनप्रकारादिकथनं च ... ... | ११ |
| एतच्छास्त्रस्य ब्रह्मणः सकाशादुत्पत्तिक- | |
| थनम्मृगिशिष्यपरम्पराकथनं च। बाह्यशरीर- | |
| शल्यकथनं सशशल्यलक्षणकथन मनेकविध- | |
| यन्त्रैः स्थानविशेषगतशल्योद्धारप्रकारकथनं | |
| मर्मविद्धस्यासाध्यत्वादिकथनं च ... ... | १२ |
| विद्रधिरोगस्य क्षतजादिभेदचतुष्टयकथ- | |
| नम्, वातजविद्रधिरोगोत्पत्तिनिदानचिकि- | |
| त्साकथनं पित्तजविद्रधिरोगोत्पत्तिनिदानचि- | |
| कित्साकथनं कफजविद्रधिरोगोत्पत्तिनिदान- | |
| चिकित्साकथनं संनिपातजविद्रधिरोगोत्पत्ति- | |
| निदानचिकित्साकथनं च ... ... | १३ |
| व्रणस्य सान्तर्भेदं शारीरागन्तुकभेदद्व- | |
| यकथनं प्रत्येकं निदानचिकित्सासाध्यासाध्य- | |
| लक्षणकथनं च ... ... ... | १४ |
| नाडीव्रणस्योत्पत्तिनिदानकथनं साध्यासा- | |
| ध्यलक्षणकथनं साध्यव्रणस्य शस्त्राग्निक्षारक- | |
| र्मादिचिकित्साकथनं च ... ... | १५ |
| शरीरस्थसप्तशतशिराणां कण्ठादिस्थान- | |
| गतत्वेन विभागसंख्याकथनं वातपित्तादि- | |
| त्रितयशोणितादिसप्तधातुवाहिशिराणां प्र- | |
| त्येकं संख्याकथनं रोगविशेषेण वेध्यशिराक- | |
| थनं ... ... ... | १६ |