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हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary

महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा

DevanagariHindipublished548 पृष्ठ

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पृष्ठ 22

( १४ ) हारीतसंहिता-
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वत्सकादि क्वाथ .... .... २२० | गुल्मचिकित्सा .... .... २२९
रक्तातिसारका लक्षण .... " | गुल्मके भेद .... .... २३०
धान्यादि क्वाथ .... .... २२१ | गुल्मके निदान .... .... "
दाड़िमादि क्वाथ .... .... " | यकृद्गुल्मका लक्षण .... .... २३१
गुड़बिल्वादियोग .... .... " | शुंठादिचूर्ण .... .... "
वत्सकावलेह .... .... " | क्षारामृत .... .... "
कुटजादि चूर्ण .... .... " | यकृद्रोगपर पाचन .... .... २३२
सन्निपातके अतिसारका लक्षण और | यकृद्गुल्मपथ्य .... .... २३३
चिकित्सा .... .... " | निंबादिक्वार्थ .... .... "
कुटजाष्टक .... .... २२२ | सौराष्ट्रीकादिक्वाथ .... .... "
अमृतवटक .... .... " | धवादिक्वाथ .... .... "
बिल्वादि चूर्ण .... .... २२३ | कदलीजलपानक .... .... "
गुदाके निकसनेको बंध करनेकी | विजोरा आदिक पान .... २३४
चिकित्सा .... .... " | खारका सेवन .... .... "
अतीसारविशेषता .... २२४ | आमाजीर्णका उपाय .... "
अतीसारका भेद संग्रहणीरोगका | दिवास्वापविधान .... .... "
निदान और चिकित्सा .... " | हरीतक्यादि अंजन विषूचीपर .... २३५
ग्रहणीके प्रकार .... .... २२५ | रास्नादिभक्षण .... .... "
ग्रहणीका उपद्रव तथा गुल्मादिकोंकी | स्वेदका उपयोग .... .... "
संप्राप्ति .... .... " | गंधकादिकभक्षण .... .... "
गुल्मसंज्ञक ग्रहणीरोगका लक्षण .... २२६ | कृमिरोगके प्रकार और तिन्होंके भेद .... "
वातकी संग्रहणीका लक्षण .... " | जूमकी उत्पत्ति .... .... २३६
पित्तकी संग्रहणीका लक्षण .... " | कृमि उत्पन्न होनेका कारण .... "
कफकी संग्रहणीका लक्षण .... " | छःप्रकारके अंतर्गत कृमि .... २३७
सन्निपातकी संग्रहणीका लक्षण .... " | कृमिरोगका लक्षण .... .... "
वातग्रहणीका पाचन .... .... २२७ | सूचीमुखकृमिका लक्षण .... .... "
पित्तग्रहणीका पाचन .... " | धान्यांकुरकृमिका लक्षण .... २३८
शुंठाद्यमृतप्राशन .... .... " | हारीतका प्रश्न .... .... "
अभयावलेह .... .... २२८ | आत्रेयजीका उत्तर .... .... "
द्राक्षादि पिण्डी .... .... २२९ | कृमिपातनका औषध .... .... २३९