हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
पृष्ठ 21, कुल 548 में से
संदर्भ में पढ़ेंविषयानुक्रमणिका. ( १३ )
विषय. पृष्ठ. विषय. पृष्ठ.
तृतीयज्वरलक्षण .... .... २०३ अतीसारका लक्षण .... .... २१२
चातुर्थिकज्वरलक्षण.... .... ” ज्वरातिसार.... .... .... २१३
बेलाज्वरादिकका लक्षण .... २०४ अतीसारकी चिकित्सा .... ”
भूतादिकसे उपजे रोग .... ” ज्वरातिसारके ऊपर उत्पलषट्क .... ”
निदिग्धिकादि काथ.... .... ” शुं log्य्यादिकाथ.. .... .... २१४-
गुडपिप्पली .... .... २०५ पाठादिकाथ .... .... ”
लघुपंचमूलकाथ .... .... ” शुंठ्यादिपाचन .... .... ”
जीर्णज्वरपर पटोलादि काथ .... ” वत्सकादिकाथ .... .... ”
विषमज्वरका औषध.... .... ” पंचमूलीकाथ. .... .... ”
चातुर्थिक ज्वरका उपाय .... ” उत्पलादिपाचन .... .... २१५.
चातुर्थिकपर नस्य .... .... २०६ उशीरादिकाथ .... .... ”
विषमज्वरपर लशुनकल्क .... ” जंब्वादिस्वरस .... .... ”
विषमज्वरपर अष्टांगधूप .... ” काकमाचीका प्रयोग.... .... २१६
वेलाज्वरआदिकोंका उपाय .... ” जंबूट्वगादिका अवलेह .... ”
ज्वरनाशक हनुमानका पूजन .... २०७ अतीसारका पूर्वरूप.... .... ”
ज्वरनाशक मंत्र .... .... ” वातातिसारका लक्षण और चिकित्सा .... ”
चारवर्णवाले ज्वरोंके चिह्न .... २०८ अतीसारका पाचनकल्क .... २१७
ब्राह्मण ज्वर ..... ” बालकादि कल्क ..... .... ”
क्षत्रिय ज्वर ..... ” शालिपर्ण्यादि पानक .... ”
वैश्य ज्वर .... .... ” तिंदुकादिरसपानक..... .... ”
शूद्र ज्वर .... .... ” कुटजपुटपाक .... .... २१८
ब्राह्मणज्वरका लक्षण और शांति .... ” पित्तातिसारका लक्षण और चिकित्सा .... ”
क्षत्रियज्वरका लक्षण और शांति.... २०९ शालिपर्ण्यादि पान .... .... २१९
वैश्यज्वरका लक्षण और शांति .... ” दशमूलका काथ .... .... ”
शूद्रज्वरका लक्षण और शांति .... २१० धान्यपंचकादि काथ .... .... ”
सर्वरोगोंपर उपचार .... ” शाल्मलीमूलकल्क .... .... ”
ज्वरवालेको पथ्य आहारादि .... ” कफातिसार लक्षण .... ”
ज्वरवालेको अपथ्य.... .... २११ कफातिसारकी चिकित्सा .... २२०
ज्वरमुक्तोंका वर्तना.... .... ” त्र्यूषणादिक पाचन.... .... ”
अतीसारचिकित्सा .... .... २१२ कालिङ्गादि कल्क .... .... ”