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गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 286, कुल 421 में से

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पृष्ठ 286

२३२ ] गणितसारसंग्रहः [ ७. १६९१/२-
अत्रोद्देशकः
स्थूलं धनमष्टादश सूक्ष्मं त्रिघनो नवाहतः करणिः ।
विगणय्य सखे कथय त्रिसमत्रिभुजप्रमाणं मे ॥ १६९१/२ ॥
पञ्चकृतेर्वर्गो दशगुणितः करणिर्भवेदिदं सूक्ष्मम् ।
स्थूलमपि पञ्चसप्ततिरेतत्को वृत्तविष्कम्भः ॥ १७०१/२ ॥
व्यावहारिकस्थूलफलं च सूक्ष्मगणितफलं च ज्ञात्वा तद्व्यावहारिकफलवत्तत्सूक्ष्मफलवद्विसमत्रिभुजक्षेत्रस्य भूभुजाप्रमाणसंख्ययोरानयनस्य सूत्रम्-
फलवर्गान्तरमूलं द्विगुणं भूर्व्यावहारिकं बाहुः ।
भूम्यर्थमूलभक्ते द्विसमत्रिभुजस्य करणिमिदम् ॥ १७११/२ ॥
अत्रोद्देशकः
सूक्ष्मधनं षष्टिरिह स्थूलधनं पञ्चषष्टिborderदिष्टम् ।
गणयित्वा ब्रूहि सखे द्विसमत्रिभुजस्य भुजसंख्याम् ॥ १७२१/२ ॥
इष्टसंख्यावद्विसमचतुरश्रक्षेत्रं ज्ञात्वा तद्विसमचतुरश्रक्षेत्रस्य सूक्ष्मगणितफलसमान-
सूक्ष्मफलवदन्यद्विसमचतुरश्रक्षेत्रस्य भूभुजमुखसंख्यानयनसूत्रम्-
उदाहरणार्थ प्रश्न
व्यावहारिक क्षेत्रफल १८ है । क्षेत्रफल का सूक्ष्म रूप से शुद्ध माप ( ३ )³ को ९ से गुणित
करने से प्राप्त राशि का वर्गमूल है । हे सखे, मुझे गणना के पश्चात् बतलाओ कि इष्ट समत्रिभुज
की भुजा का माप क्या है ? ॥ १६९१/२ ॥ क्षेत्रफल का सूक्ष्म माप ६२५० का वर्गमूल है । क्षेत्रफल का
सन्निकट माप ७५ है । ऐसे क्षेत्रफलों वाले समवृत्त के व्यास का माप बतलाओ ॥ १७०१/२ ॥
जब किसो क्षेत्रफल के व्यावहारिक और सूक्ष्म माप ज्ञात हों, तब ऐसे क्षेत्रफल के मापोंवाले
समद्विबाहु त्रिभुज के आधार और भुजा के संख्यात्मक मानों को निकालने के लिये नियम-
क्षेत्रफल के व्यावहारिक और सूक्ष्म मापों के वर्गों के अंतर के वर्गमूल की दुगुनी राशि को
किसी समद्विबाहु त्रिभुज का आधार मान लेते हैं। दत्त व्यावहारिक क्षेत्रफल का माप बराबर भुजाओं
में से किसी एक का माप मान लिया जाता है। आधार तथा भुजा के इन मानों को आधार के प्राप्त मान
की अर्द्धराशि के वर्गमूल द्वारा भाजित करते हैं। तब इष्ट समद्विबाहु त्रिभुज का आधार और भुजा के
इष्ट माप प्राप्त होते हैं। यह नियम समद्विबाहु त्रिभुज के संबंध में है ॥ १७११/२ ॥
उदाहरणार्थ प्रश्न
यहाँ क्षेत्रफल का सूक्ष्म रूप से ठीक माप ६० है, और व्यावहारिक माप ६५ है । हे मित्र,
गणना के पश्चात् बतलाओ कि इष्ट समद्विबाहु त्रिभुज की भुजाओं के संख्यात्मक माप क्या-क्या
हैं ॥ १७२१/२ ॥
जब चुनी हुई संख्या और दो बराबर भुजाओं वाला चतुर्भुज क्षेत्र दिया गया हो, तब किसी ऐसे
दूसरे दो बराबर भुजाओं वाले चतुर्भुज क्षेत्र का आधार, ऊपरी भुजा और अन्य भुजाओं को निकालने
के लिये नियम, जिसका सूक्ष्म क्षेत्रफल दिये गये दो बराबर भुजाओं वाले चतुर्भुज के सूक्ष्म क्षेत्रफल
के तुल्य हो-