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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 238, कुल 421 में से

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पृष्ठ 238

१८४ ] गणितसारसंग्रहः [ ७.९-
द्विसमत्रिभुजक्षेत्रस्यायामः सप्तसप्ततिर्दण्डाः । विस्तारो द्वाविंशतिरथ हस्ताभ्यां च संमिश्राः ॥९॥
त्रिभुजक्षेत्रस्य भुजस्त्रयोदश प्रतिभुजस्य पञ्चदश ।
भूमिश्चतुर्दशास्य हि दण्डा विषमस्य किं गणितम् ॥ १० ॥
गजदन्तक्षेत्रस्य च पृष्ठेऽष्टाशीतिरत्र संदृष्टाः । द्वासप्ततिरुदरे तन्मूलेऽपि त्रिंशादिह१ दण्डाः ॥११॥
क्षेत्रस्य दण्डषष्टिर्बाहुप्रतिबाहुकस्य गणयित्वा । समचतुरश्रस्य त्वं कथय सखे गणितफलमाशु ॥१२॥
आयतचतुरश्रस्य व्यायामः सैकषष्टिर्हि दण्डाः । विस्तारो द्वात्रिंशद्व्यवहारं गणितमाचक्ष्व ॥१३॥
दण्डास्तु सप्तषष्टिर्द्विसमचतुर्बाहुकस्य चायामः । व्यासश्चाष्टत्रिंशत् क्षेत्रस्यास्य त्रयस्त्रिंशत् ॥१४॥
क्षेत्रस्याष्टोत्तरशतदण्डा बाहुत्रये मुखे चाष्टौ ।
हस्तैस्त्रिभिर्युतास्तत्त्रिसमचतुर्बाहुकस्य वद गणक ॥ १५ ॥
विषमक्षेत्रस्याष्टत्रिंशद्दण्डाः क्षितिर्मुखे द्वात्रिंशत् ।
पञ्चाशत्प्रति२बाहु षष्टित्वन्यः किमस्य चतुरश्रे ॥ १६ ॥
परिधोदरस्तु दण्डास्त्रिंशत्पृष्ठं शतत्रयं दृष्टम् ।
नवपञ्चगुणो व्यासो नेमिक्षेत्रस्य किं गणितम् ॥ १७ ॥
१. B और M दोनों में त्रिंशतिः पाठ है । छंदकी आवश्यकतानुसार इसे त्रिंशादिह रूप में शुद्ध
कर रखा गया है ।
२. B में “प्रति” के लिये “देक” पाठ है ।
में दो भुजाओं द्वारा प्ररूपित लम्बाई ७७ दंड है, और आधार द्वारा नापी गई चौड़ाई २२ दंड और
२ हस्त है; क्षेत्रफल निकालो ॥ ९ ॥ विषम त्रिभुज के सम्बन्ध में एक भुजा १३ दंड, सम्मुख भुजा
१५ दंड, और आधार १४ दंड है । इस आकृति के क्षेत्रफल का माप क्या है ? ॥ १० ॥ हाथी के दाँत
के मध्य से फाड़े हुए छेद ( section ) की आकृति के बाहरी वक्र की लम्बाई ८८ दंड है, भीतरी
वक्र की लम्बाई ७२ दंड है, और जड़ के पास की मुटाई ३० दंड है; क्षेत्रफल निकालो ॥ ११ ॥
समायत ( वर्ग ) के सम्बन्ध में, जिसकी भुजाओं में से प्रत्येक ६० दंड है, हे मित्र, शीघ्र ही क्षेत्रफल
का परिणामी नाप बतलाओ ॥ १२ ॥ आयत चतुरश्र क्षेत्र के सम्बन्ध में यहाँ लम्बाई ६१ दंड है
और चौड़ाई ३२ दंड है । व्यावहारिक क्षेत्रफल बतलाओ ॥ १३ ॥ दो समान बाहुओं वाले चतुर्भुजों
की प्रत्येक समान भुजा की लम्बाई ६७ दंड है, चौड़ाई ( आधार पर ) ३८ है और ( ऊपर ) ३३
दंड है । क्षेत्रफल का माप बतलाओ ॥ १४ ॥ तीन बराबर भुजाओं वाले चतुर्भुज क्षेत्र की प्रत्येक
समान भुजा १०८ दंड की है, और शेष ( मुख अथवा ऊपरी ) भुजायें ८ दंड ३ हस्त हैं । हे
गणितज्ञ, इस क्षेत्र के क्षेत्रफल का माप बतलाओ ॥ १५ ॥ विषम चतुर्भुज का आधार ३८ दंड,
ऊपरी मुख-भुजा ३२ दंड, बाजू की एक भुजा ( प्रतिबाहु ) ५० दंड और दूसरी ६० दंड की है । इस
आकृति का क्षेत्रफल क्या है ? ॥ १६ ॥ किसी कंकण में भीतरी वृत्ताकार सीमा ३० दंड की है, बाहरी
वृत्ताकार सीमा ३०० दंड है और कङ्कण की चौड़ाई ४५ है । इस कङ्कण ( नेमि क्षेत्र ) का क्षेत्रफल
निकालो ॥ १७ ॥ बालचाँद सदृश एक आकृति की चौड़ाई २ हस्त है । बाहरी वक्र ६८ हस्त और
( ११ ) इस गाथा में कथित आकृति का आकार बाजू में दी गई आकृति के समान होता है ।
प्रयोजन यह है कि इसे त्रिभुजीय क्षेत्र के समान वर्ता जावे, और तब इसका क्षेत्रफल
त्रिभुजीय क्षेत्रों सम्बन्धी नियम द्वारा निकाला जाय ।