गदनिग्रह (आचार्य सोढल - कायचिकित्सा एवं रोग-विनिश्चय सटीक)
Gadanigraha of Acharya Sodhala with Commentary
आचार्य सोढल द्वारा
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विषयः पृ. पं. विषयः पृ. पं.
केशवृद्धौ तृतीयं भृङ्गराज तैलं ५० १७ कुष्ठे गुग्गुल्वाद्यं तैलम् ६१ ११
,, बृहद्भृङ्गराजाद्यं तैलम् ,, २० ,, विद्रावणं ,, ,, १६
केशरोगे असनाद्यं ,, ५१ ११ ,, महासुगन्धं ,, ,, २३
शिरोरोगे षड्विन्दुतैलम् ,, १४ ,, मरीचाद्यं ६२ १४
,, द्वितीयं ,, ,, २३ ,, भ्रामरिकं ,, ,, २६
दन्तरोगे बकुलाद्यं तैलम् ५२ ४ व्रणे महाकषायं ,, ६३ १२
,, नीलसहचराद्यं ,, ,, ९ वल्मीके मनःशिलाद्यं,, ,, २१
मुखरोगे इरिमेदाद्यं ,, ,, १४ गण्डमालायां फणिज्जकाद्यं ,, ,, २५
दन्तरोगे द्वितीयमिरिमेदाद्यं ,, काकादनीतैलम् ६४ ९
तैलम् ५३ २ रक्तपित्ते मूर्वाद्यं तैलम् ,, १६
,, खदिराद्यं ,, ,, १३ कुष्ठे विषादनं ,, ,, २२
ज्वरे बृहल्लाक्षादितैलम् ,, २६ ,, जीवन्त्याद्यं ६५ २
,, लघुलाक्षादितैलम् ५४ १५ पामायां जीरकाद्यं तैलम् ,, ७
सन्निपातज्वरे जात्यादि- कृमिरोगे विडङ्गाद्यं ,, ,, १०
तैलम् ५५ २ वातरोगे गुडूचीतैलम् ,, १५
ज्वरे षट्चरणं तैलम् ,, १३ ,, द्वितीयं ,, ,, २७
शोषे शिरीषाद्यं ,, ,, १६ ,, सहचरं ,, ६६ १४
,, सुकुमारतैलम् ५७ २ ,, नीलसहचरतैलम् ,, २३
अर्शसि लघुकासीसाद्यं ,, दशमूलाद्यं तैलम् ६७ ८
तैलम् ५८ २ भग्ने गन्धतैलम् ६८ ८
,, पृथुकासीसाद्यं ,, ,, ५ चूर्णाधिकारस्तृतीयः।
,, चित्रकाद्यं ,, ,, १२ गुल्मे हिङ्ग्वाद्यं चूर्णम् ६९ ७
कुष्ठे शिंशपासारतैलम् ,, २० शूले द्वितीयं ,, ,, ,, २०
,, वज्रकं तैलम् ,, २७ गुल्मे शार्दूलं ७० ८
,, महावज्रकं ,, ५९ ६ ,, नाराचकं ,, ,, १३
,, श्वेतकरवीराद्यं ,, ,, १३ ,, पूतिकाद्यं ,, ,, १६
,, सिन्दूराद्यं ,, ,, १८ ,, हिङ्ग्वाद्यं ,, ,, २१
,, कुष्ठकालानलं ,, ,, २३ श्वासे विजयं ,, ,, २४
,, कनकक्षीर्याद्यं ,, ६० ९ वातरोगे अजमोदाद्यं,, ७१ १२
पामायामार्द्रकाद्यं ,, ,, २२ ,, आभाद्यं ,, ,, २५
दद्रुरोगे दाव्याद्यं सूर्यपाक- अतिसारे कपित्थाष्टकं,, ७२ १०
तैलम् ,, २७ ग्रहण्यां द्वितीयं ,, ,, ,, १७