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सर्वकोश
गदनिग्रह (आचार्य सोढल - कायचिकित्सा एवं रोग-विनिश्चय सटीक)

गदनिग्रह (आचार्य सोढल - कायचिकित्सा एवं रोग-विनिश्चय सटीक)

Gadanigraha of Acharya Sodhala with Commentary

आचार्य सोढल द्वारा

DevanagariHindipublished286 पृष्ठ

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विषयः पृ. पं. | विषयः पृ. पं.
गुल्मे द्वितीयं महाबिन्दुघृतम् २३ २ | वातव्याधौ चतुर्थं प्रसारणीतैलं ३७ २१
कुष्ठे बिन्दुघृतम् ,, ७ | वातरक्ते शतावरीतैलम् ३८ ८
,, पञ्चतिक्तकं घृतम् ,, १७ | वातव्याधौ द्वितीयं ,, ,, २०
शूले लशुनघृतम् ,, २४ | ,, रास्नातैलम् ३९ ५
पाण्डुरोगे दाडिमाद्यं घृतम् २४ ११ | ,, श्ताह्वातैलम् ,, २७
गुल्मे चित्रकाद्यं ,, ,, १८ | ,, मूलकतैलम् ४० ३
शोफे द्वितीयं ,, ,, २५ २ | ,, सहचरतैलम् ,, १७
प्लीह्नि तृतीयं रोहीतकघृतम् ,, ७ | ,, द्वितीयं ,, ४१ ५
कुष्ठे गुग्गुलुपञ्चतिक्तकं घृतम् ,, १४ | ,, श्योनाकतैलम् ,, १८
रक्तपित्ते शीतकल्याणकं ,, २६ ४ | सर्वाङ्गवातव्याधौ श्वदंष्ट्राद्यं
हिक्काश्वासे शम्याकं ,, ,, १८ | तैलम् ४२ १८
रसायनार्थे नारसिंहं ,, ,, २६ | वातरक्ते खुड्डाकपद्मकं ,, ४३ २
विषेऽमृतं ,, २७ १८ | ,, महापद्मकं ,, ,, ६
ग्रहण्यामभिघृतम् २८ ७ | ज्वरे तृतीयं ,, ,, १५
ग्रहण्यां भल्लातकाद्यं घृतम् ,, २२ | वातव्याधौ बृहन्माषतैलम् ४४ ६
जीर्णज्वरे पिप्पल्याद्यं ,, २९ ४ | बाहुरोगे लघुमाषतैलम् ,, २१
शिरोरोगे मायूरघृतम् ,, ११ | वातव्याधौ तृतीयं महामाष० ,, २६
तिमिरे जीवन्त्याद्यं घृतम् ३० ९ | ,, दशाङ्गतैलम् ४५ १२
अपस्मारे पञ्चगव्यं ,, ,, १५ | ऊरुस्तम्भे सैन्धवाद्यं तैलम् ४६ ४
ज्वरे महापञ्चगव्यं ,, २४ | वातरोगे कुसुम्भाद्यं ,, ,, ९
वातरोगे बिन्दुसाराद्यं ,, ३१ १३ | भगन्दरे मागध्याद्यं ,, ,, २०
कासे दशमूलाद्यं ,, ३२ ३ | ,, चित्रकाद्यं ,, ४७ २
तैलाधिकारो द्वितीयः। | गण्डमालायामजमोदाद्यं ,, ,, ८
कुष्ठे कटुकालाबुतैलम् ३२ १० | वातव्याधावश्वगन्धाद्यं ,, ,, १७
,, भद्राद्यं तैलम् ,, १७ | वातरोगे द्वितीयमश्व-
वातव्याधौ बलातैलम् ,, २३ | गन्धाद्यं ,, ४८ १४
,, बृहद्बलातैलम् ३३ ९ | कुङ्कुमाद्यं मुखकान्तिदं ,, ,, २५
,, तृतीयं बलातैलम् ,, २७ | वातरक्ते यष्टीमधुकाद्यं ,, ४९ ९
गृहकर्मणि चतुर्थं ,, ३४ ९ | कर्णरोगे लघुक्षारतैलम् ,, २७
वातव्याधौ प्रसारणीतैलम् ३५ २ | ,, बृहत्क्षारतैलम् ५० २
,, द्वितीयं ,, ,, २५ | नेत्ररोगे भृङ्गराजतैलम् ,, ११
,, तृतीयं ,, ३६ ११ | केशवृद्धौ द्वितीयं ,, ,, १४