श्रीमद् एकनाथी भागवत (सन्त एकनाथ - श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध उद्धव गीता सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Shrimad Eknathi Bhagavat (Hindi) by N.V. Sapre
सन्त एकनाथ महाराज (अनुवादक: एन. वी. सप्रे) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१४ श्रीमद् एकनाथी भागवत
अध्याय २७ ७१५-७३४
भक्तों की पूजाविधि, आगमोक्त हवन विधि, प्रतिमाओं के प्रकार, मूर्ति प्रतिष्ठा,
फलश्रुति, पूजोपचार का वैभव, निष्काम भक्ति से साधक की भगवदैकता।
अध्याय २८ ७३५-७६६
किसी के स्वाभाविक कर्म की स्तुति या निन्दा न करें, सर्वत्र भगवद्भाव से देखें,
आत्मा में संसार निर्मूल, ज्ञानी की विदेहता, अनन्य भक्तों को विघ्न नहीं सताते।
अध्याय २९ ७६७-८०९
भोले भाले लोगों को ईश्वर प्राप्ति सुगम कैसे ? भागवद्धर्म से जन्म-मरणच्छेद, स्त्री
संग त्याग की आवश्यकता, प्राचीन ज्ञानी स्त्रियाँ, श्रीकृष्णाज्ञा से उद्धव का
बदरिकाश्रम प्रयाण।
अध्याय ३० ८१०-८२८
श्रीकृष्ण स्वरूप सौन्दर्य वर्णन, द्वारका में भीषण उत्पात का वर्णन, यादवों में कलह
एवं संहार, बलराम निर्वाण, कृष्ण मूर्ति वर्णन, जराव्याध का बाण मारना, पश्चात्ताप
एवं कृष्ण का क्षमादान एवं सदेह स्वर्ग को भेजना।
अध्याय ३१ ८२९-८५१
श्रीकृष्ण निर्वाण, देवताओं की कृष्णस्तुति, १४ श्लोकों का माहात्म्य, दारूक का
द्वारका में आगमन, कृष्ण निधन समाचार का कथन, शोक, यादव सतियाँ, अर्जुन
द्वारा मृतक संस्कार, द्वारका विलय, पाण्डव स्वर्गारोहण, उपसंहार इति।