ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)
Dnyaneshwari / Bhavarth Deepika with Hindi Commentary
संत ज्ञानेश्वर महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें-से अभेद १७ : ४०३
-स्मरण ९ : २०६-२१०
निर्गुण १३ : १०७१-१०७४,
१३ : ११०७-१११३, १७ : ३२९,
१७ : ३६९.
पंचमहाभूत-१३ : ७६, १३ : १४३-१४६.
परिग्रह-१८ : १०६२-१०६६.
पाप-
-का परिणाम १ : ११९-१२४,
१ : २४५-२६१.
-की उत्पत्ति ३ : १२७-१२९, ३ : १४०,
३ : २३६ १३ : ३०-३१,
-के नाशका उपाय २ : २२५,
३ : ११९-१२४, ४ : १७२-१७८,
पारुष्य-१६ : २४३-२४५
पुनर्जन्म-८ : १५१-१६६
-का अंत २ : १७६, ७ : १७५-१७९,
८ : १९८-३०२
९ : ४९, ९ : ४०४, १० : १९८,
१२ : १३६, १३ : १०३३, १३ : १०४०,
१३ : १०४५, १३ : १०७७, १५ : ३२०
-के कारण ९ : ४०३.
पुरुष-८ : १८२-१८९.
-अधिदैव ८ : ३३-३६
-अधियज्ञ ८ : ३७
अव्यक्त ८ : १७९-१८१
-अक्षर १५ : ५०२-५२४.
-ब्रह्म ८ : १००-१०३
-उत्तम १५ : ५२५-५५७
-क्षर १५ : ४७८-५०१
पुरुषार्थ-
चौथा १४ : ४०१
पांचवा १२ : २१४, १ : २१९,
१८ : ८३७
प्रकृति-
अपरा ७ : १७-१८
-का कार्य ३ : १७७-१७८,
३ : १८४-१८५, ३ : १९४-१९६, ७ : १९
-का सामर्थ्य १८ : १२७८-१२९६.
-का स्वरूप ७ : १५-१६,
१३ : १८५-१९८
-की उत्पत्ति १३ : १०७९-१०८१.
-की माया १३ : ९८७, १४ : ६०-७०.
-पुरुष विचार १३ : ९५९-१०३५.
-पुरुष संबंध १३ : ९७९-९८५.
-विचार ९ : ९७-१२०.
बुद्धि-
-का स्वरूप १३ : ८३-८९,
१८ : ६९०-६९३.
-तामस १८ : ७२४-७२९,
-दुर्बुद्धि २ : ३४३-३५५
-बुद्धिभेद ३ : १७२-१७६
-योग २ : २३१-२४२
-राजस १८ : ७१८-७२३.
-सद्बुद्धि २ : २३६, २ : २४२, ५ : ८७
१६ : ८०
सद्बुद्धिका मार्ग ७ : १२७.
-सात्विक १८ : ६९९-७१७.
स्थूल-देहबुद्धि ९ : १४१-१४५,
ब्रह्म-
आनंद- ५ : १३०-१३५,
ऊर्ध्व- १५ : ७२-७९,
-का स्वरूप ८ : १५-१७, ८ : ६८९,
१३ : १०७२-१०७४,
१३ : ११४०-११४१, १५ : २६७
-पद ८ : १००-१०३,
१८ : १२५८-१२५९,
१८ : १३२१-१३२२,
परब्रह्म १८ : १००३,
-प्राप्तिका उपाय ६ : २८,
८ : १०४-१०६, ८ : १११-११९
१३ : ११२८-११३९, १५ : २६८-३०५
-श्रीकृष्ण २ : २९०, १४ : ४०४,
१७ : ३४, १४ : ४०३-४०८
ज्ञेय- १३ : ८६८-९३८,
ब्रह्मचर्य- १७ : २११
ज्ञानेश्वरी ४४