सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)

ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)

Dnyaneshwari / Bhavarth Deepika with Hindi Commentary

संत ज्ञानेश्वर महाराज द्वारा

DevanagariMarathipublished1,172 पृष्ठ

पृष्ठ 61, कुल 1172 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 61

बिना नामकां- १७ : ४१४-४२२
ब्राह्मण- १८ : ८३३-८५४,
मिथ्याचार ३ : ६४-६६
योग- ३ : ३७, ३ : ४४, ५ : १६-१७.
राजस- १८ : ५९०-६१०
लोकसंग्रहार्थ- ३ : १५४-१९५,
३ : १७३-१७६
विकर्म ४ : ९०
विभूति-७ : ४६-५१
विहित-३ : ११८-१२६, १८ : १४९-१५३
वैश्य-१८ : ८८०-८८२
शास्त्रोक्त-१८ : ८८८-८९३
शूद्र-१८ : ८८३.
-संग्रह १८ : ४७८-५१५
सात्विक-१८ : ५८६-५९३
क्षत्रिय-१८ : ८५६-८७८.
कामक्रोध-
-का परिणाम- ३ : २६०-२६२,
१६ : ४४५-४५४.
-का वर्णन ३ : २१-२८, ३ : २३९-२५९,
१६ : ३२७-३४२
१६ : ३९५-३९६, १८ : १०५७-१०६१.
-का सामर्थ्य ३ : २३२-२६६.
-के त्यागका कारण १६ : ४२५-४३६
-के त्यागका फल १६ : ४३७-४४४
-को जीतनेका उपाय ३ : २६७-२७०
कीर्तन-
अप्राप्य ९ : २०६
-का फल ९ : १९५-२०५,
९ : २०७-२०९.
-का स्वरूप ९ : २१०, १० : ११९-१२९,
कुंडलिनी-
-का परिणाम ६ : २६०-२९०, ९ : २१४
-का मार्ग १२ : ४८-५७
१८ : १०३६-१०४०
-का स्वरूप ६ : २२२-२५०
-की शक्ति ६ : २५१-२५९.
कृतार्थता-३ : १४७-१४८, ७ : १११,
७ : १७६-१७७, १५ : १८५-१८७,
१८ : १५६२-१५७१.
क्रमयोग- १८ : १०११-११११
गणेश- १ : १-२०, १० : १२४, १३ : १,
१७ : १-८.
गीता-
-और कर्म १८ : १४३७-१४३९.
-और ज्ञान १८ : १४४६-१४५१
-का उपासनाकांड १८ : १४४०-१४४५
-का फल १८ : ४८, १८ :१६९६.
-का माहात्म्य १ : ५०-५५,
१८ : ३०-५९
१८ : १६६०-१६८९.
-का संप्रदाय १८ : १४७५-१५०९.
-की गहनता १ : ७०-७१, ११ : २६-२७,
-की वेदोंसे तुलना १८ : १४५६-१४६२,
१८ : १५१०-१५११.
-के अधिकारी १ : ५६-६०, ६ : २२-३०,
९ : ३६-४०
१२ : २३०-२३३, १५ : ५८१,
१८ : १७४९
-के अनधिकारी ६ : १९४-१९६.
-के विषय १८ : १२४३-१२४४.
-वेदका मूल है १८ : १४२६-१४६६
गुण-
-और बंध १४ : १४६-१४८,
-और मरणोत्तर गति १४ : २५६-२५८,
रज १४ : २७२-२७३, १४ : २३८-२४२
सत्व १४ : २१४-२२५, १४ : २७१.
-और गुणातीत १४ : ३२७-३६९.
-की उत्पत्ति : १४ १३९-१४५,
तम-१४ : १७४-१९५, १४ : २५५-२५९.
१५ : १६३-१७४.
रज-१४ : १६०-१७३, १५ : १५५-१६२,
सत्व-१४ : १४९ १५९,
(4)
४१
विषय-विश्लेषण