दत्तकमीमांसा (नन्दपण्डित - हिन्दू दत्तक-ग्रहण विधि एवं न्याय का आधारभूत ग्रन्थ)
Dattaka Mimansa of Nanda Pandita on Hindu Adoption Law
नन्दपण्डित (अनुवादक: जे. सी. सी. सदरलैण्ड) द्वारा
पृष्ठ 62, कुल 191 में से
संदर्भ में पढ़ें" has 'संस्कृत'. In line 8-9, it's "मसंस्कृतमित्यर्थः" (often anusvara represents s or vice versa, or 'स्' is faint). Let's check closely: 'म' followed by 'सं' with anusvara, then 'कृ'. It looks like 'मसंस्कृतमित्यर्थः' where 'स्कृ' might be just 'स्कृ' or 'संकृ'. Looking at the glyph, it has 'स', anusvara, 'कृ': 'मसंस्कृतमित्यर्थः' - wait, is there a 'स्' ligature? It looks like 'संस्कृत'. Let's write मसंस्कृतमित्यर्थः or as printed मसंस्कृतमित्यर्थः.
Line 10:
पुत्रेष्टिमिति । अयमत्राभिसन्धिः अग्नये पुत्रवते पुरोडाशमष्टाक-
Line 11:
पालं निर्वपेदिन्द्राय पुत्रिणे पुरोडाशमेकादशकपालं प्रजाकामो-
Line 12:
ऽग्निरेवास्मै प्रजां प्रजनयति वृद्धामिन्द्रः प्रयच्छतीति वाक्ये प्रजा-
Wait, is it "वृद्धामिन्द्रः" or "वृहामिन्द्रः"?
Look at TS 2.2.4.4:
"अग्नये पुत्रवते पुरोडाशमष्टाकपालं निर्वपेदिन्द्राय पुत्रिणे पुरोडाशमेकादशकपाल