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सर्वकोश
दशरूपक (आचार्य धनञ्जय - धनिक प्रणीत अवलोक टीका एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

दशरूपक (आचार्य धनञ्जय - धनिक प्रणीत अवलोक टीका एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

Dasarupaka of Dhananjaya with Avaloka Commentary

आचार्य धनञ्जय (टीकाकार: धनिक / डॉ. भोलाशंकर व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished168 पृष्ठ

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२
प्रकाशः । श्लोकः । पृष्ठे ।
पर्यूपासनलक्षणम् १ ३४ १४
पुष्पलक्षणम् ... १ ३४ १५
उपन्यासलक्षणम् ... १ ३५ १५
वज्रलक्षणम् ... १ ३५ १५
वर्णसंहारलक्षणम् १ ३५ १५
गर्भसंधिलक्षणम् १ ३६ १६
गर्भसंध्यङ्गनामानि १ ३७ १६
अभूताहरणलक्षणम् १ ३८ १६
मार्गलक्षणम् ... १ ३८ १६
रूपलक्षणम् ... १ ३९ १७
उदाहरणलक्षणम् ... १ ३९ १७
क्रमलक्षणम् ... १ ३९ १७
संग्रहलक्षणम् ... १ ४० १८
अनुमानलक्षणम् ... १ ४० १८
अधिबललक्षणम् ... १ ४० १८
तोटकलक्षणम् ... १ ४० १९
तोटकलक्षणान्तरे १ ४१ १९
उद्वेगलक्षणम् ... १ ४२ २०
संभ्रमलक्षणम् ... १ ४२ २०
आक्षेपलक्षणम् ... १ ४२ २०
अवमर्शसंधिलक्षणम् १ ४३ २१
अवमर्शसन्ध्यङ्ग-
नामानि ... १ ४४ २१
अपवादलक्षणम् ... १ ४५ २१
संफेटलक्षणम् ... १ ४५ २२
विद्रवलक्षणम् ... १ ४५ २२
द्रवलक्षणम् ... १ ४५ २२
शक्तिलक्षणम् ... १ ४६ २३
द्युतिलक्षणम् ... १ ४६ २३
प्रसङ्गलक्षणम् ... १ ४६ २४
छलनलक्षणम् ... १ ४६ २४
व्यवसायलक्षणम् ... १ ४