सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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अबिहड़ का अंग
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अथ अबिहड़ का अंग ३७
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥
दादू संगी सोई कीजिये, जे कलि अजरावर होइ ।
ना वह मरै, न बीछूटै, ना दुख व्यापै कोइ ॥ 2 ॥
दादू संगी सोई कीजिये, जे थिर इहि संसार ।
ना वह खिरै, न हम खपैं, ऐसा लेहु विचार ॥ 3 ॥
दादू संगी सोई कीजिये, सुख दुख का साथी ।
दादू जीवन-मरण का, सो सदा संगाती ॥ 4 ॥
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