सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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पारिख
का
अंग
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अथ पारिख का अंग २७
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥
साधुत्व परीक्षा
दादू मन चित आतम देखिये, लागा है किस ठौर?
जहँ लागा तैसा जाणिये, का देखै दादू और ॥ 2 ॥
दादू साधु परखिये, अन्तर आतम देख ।
मन मांहि माया रहै, कै आपै आप अलेख ॥ 3 ॥
दादू मन की देख कर, पीछे धरिये नांव ।
अन्तरगति की जे लखैं, तिनकी मैं बलि जांव ॥ 4 ॥
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