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अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

Amar Shaheed Chandrashekhar Azad

सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा

DevanagariHindipublished148 पृष्ठ

पृष्ठ 123, कुल 148 में से

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पृष्ठ 123

An exact, line-by-line transcription of the Hindi text from page 126:

126 चन्द्रशेखर आजाद
थे। साण्डर्स वध के समय जब आजाद ने मुझे लाहौर बुलाया, तो मुझे
यह देखकर विस्मय हुआ कि आजाद पर भगतसिंह का जादू चल गया।
और 'पण्डितजी' अब कच्चा अण्डा सीधा मुंह पर तोड़कर ही गटक रहे
हैं। मैंने हैरानी से पूछा, "पण्डितजी! यह क्या?" आजाद बोले, "अण्डे
में कोई हर्ज नहीं है। वैज्ञानिकों ने उसे फल जैसा ही बताया है।" यह तर्क
भगतसिंह का ही था, जिसे आजाद दोहरा रहे थे। मैंने बड़ी गम्भीरता
से कहा—"बिल्कुल ठीक पण्डितजी! अण्डा फल है; तो मुर्गी पेड़ के
सिवा कुछ नहीं हो सकती। मैं भला कब उसे छोड़ूँगा?" भगतसिंह खिल-
खिलाकर हंस पड़े—"वास्तव में कैलाश तुम अच्छे तर्कशास्त्री हो सकते
हो। भला पण्डितजी! देखिये····।" आजाद बीच में ही बिगड़कर बोले—
"चल बे, एक तो हमें अण्डा खिला रहा है, और ऊपर से बातें बना रहा
है····।"
• एक बार भगतसिंह ने आजाद से कहा था