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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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७६
भेजना १९०-विरहस्तका लोरकसे योगी-वेष त्यागनेको कहना १९१-लोरकका
योगी वेश त्यागना; १९२-लोरकका घर लौटना १९३-चाँदके लिए लोरककी
विकलता; १९४ १९७-लोरकके लिए चाँदकी विकलता; १९६-चाँदका विरहस्त-
को लोरकके पास भेजना १९७-विरहस्त और लोरककी बातचीत १९८-विरहस्त
का लोरकको चाँदके आवासका रास्ता दिखाना ।
लोरकका धौराहर-प्रवेश-
१९९- लोरकका पाट खरीदकर कमन्द बनाना; २ ०-अन्धेरी रातमें लोरकका
चाँदके घरकी ओर जाना; २ १-लोरकका चाँदका आवास पहचानना २ २-
चाँदका कमन्द गिरानेपर खेद २ ३-लोरकका चाँदके आवासम प्रवेश ।
चाँदका आवास-
२ ४-लोरकका चाँदका शयनागार देखना; २ ५-चित्रकारीका वर्णन; २ ६-
सुगन्धका वर्णन २ ७-शय्याका वर्णन २ ८-लोरकका चाँदको जगाना
२ ९-जागकर चाँदका खिसकना; २१०-लोरकरा चाँदसे कहना; २११-चाँद
का उत्तर; २१२-लोरकका कथन; २१३-चाँदका प्रश्न २१४-लोरकका उत्तर;
२१५-चाँदका लोरकका उपहास करना २१६-लोरकका उत्तर, २१७-चाँदका
प्रेम प्रश्न २१८-लोरकका उत्तर, २१९-चाँदका अपने प्रेमके प्रति जिज्ञासा
२२०-लोरकका उत्तर, २२१-चाँदका मैनाकी प्रशंसा करना २२२-लोरकका
उत्तर; २२३-चाँदका अपना प्रेम प्रकट करना; २२४-हास-परिहासमें रात
बीतना २२ -लोरर चाँद प्रलाप; २२६-प्रातःकाल खाटके नीचे लोरकको
छिपाना २२७-दासियों और सहेलियोंका आना २२८-चाँदका बहाना बनाना;
२२९-विरहस्तका चाँदकी माँको सूचना देना २३ -चाँदके माता पिताका
आना २३१-चाँदका लोरकको विदा करना २३२-लोरकको हारयष्टिका बैल
देना २३३-चाँदका कमरेमें लोरकर भविष्य गुनना ।
लोरक-मैनामें कहा-सुनी-
२३४-मैनाका लोरकसे रातको गायब रहनेकी बात पूछना; २३५-महकने पर
पुरुष आनेकी बात फैलना २३६-धोबिनरा मैनासे मलिनताका कारण पूछना
२३७-धोबिनका लोरकके सम्बन्धमें अपनी अनभिज्ञता प्रकट करना; २३८-
मैनाका कहना; २३९-धोबिनका समझाना २४ -२४१ मैनाका धोबिनसे
कहना २ २-लोरकका समझ जाना कि मैना बात जान गयी २४३-मैनाका
लोरकसे तुष्ट होकर बोलना २४४-लोरकका मैनाको धमकाना; २४५-धोबिन
का जाकर लोरक मैनामें सुलह कराना २४६-लोरक मैनामें सुलह; २४७-
लोरकका मैनाकी प्रशंसा करना २४८-मैनाका उत्तर; २४९-लोरक मैनाकी
प्रसन्नता ।