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सर्वकोश
चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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लागहून रैन बाड़ दिन लीन्हा । १४९।१ अगहन दिवस घटा निसि बाढ़ी ।
आगे परे धीर धीर पावहुँ । अगकहि काहिं पानि पर काँटा ।
पाछे रहहु सो धूर बजावहु ॥ १ ।३ पछितेहि काहिं न कोइहु बाँटा ॥ १४।७
फूले काँस डाँस सिर ढाये । सरवर सँवरि हंस चलि आये ।
सारस कुरकहिँ बिछुरिन आये । ४३४।२ सारस कुररहिँ खंजन देखाये ॥ ३७७।१
यही नहीं अनेक स्थानों पर तो पद्मावतमें अविकल रूपसे चन्दायराकी ही
शब्दावली देखनेमें आती है । अकस्मात् सामने आये ऐसे तीन-चार उदाहरण हम
यहाँ दे रहे हैं :
चन्दायण पद्मावत
चकवा चकवी बेरि कराई । २९।१ चकइ चउया केलि कराही । ३३।५
चाँद भौरहर ऊपर गयी । १४८।७ पदुमति भौराहर चढ़ी । २७८।१
पंडित बइ सभाव बुकाये । १६९।३ ओझा बैठ सपान बोकावे । १२ ।१
ठिकक हुआइस मशाक काढ़ा । ४२ ।२ तिलुक हुआइस मशाक दीन्हे । १ ९।३
ध्यानसे देखनेपर इस तरहकी पंक्तियाँ बड़ी मात्रामें पायी जा सकती हैं ।
इन सबको मात्र आकस्मिक सदृशारजन्य अथवा किसी अविच्छिन्न विचार
परम्पराका परिणाम कहना किसीके लिए भी कठिन ही नहीं असम्भव होगा ।