चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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पश्चात् मैनाकी विरह-व्यथा अत्यंत दुस्सह हो उठती है । उसे धैर्य देनेके लिए
उसकी सखी एक लम्बी कहानी कहती है। कहानी सुनकर मैनाको धैर्य मिलता है।
इस प्रकार बारह बरस बीत गये। तब मैनाने लोरके पास एक वृद्ध ब्राह्मण को भेजा।
ब्राह्मण अपने साथ एक पक्षी रखकर लोर के पास गया। राजसभामें उस पक्षीने लोरक
सम्मुख मैनाकी विरह वेदना व्यक्त की। पश्चात् लोर विह्वल हो गया और मैनाके पास
जानेकी तैयारी की और चन्द्रानीको साथ लेकर वह मैनाके पास आ गया। दोनों
रानियोंके साथ-सुखभोग करता हुआ आयुपूर्ण होनेपर लोरकी मृत्यु हुई । दोनो
पत्नियां उसके साथ सती हो गयीं ।