चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२१८
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( रोकेण्ड्स ५२८ )
सिफत ससोकामदे बाँदा गोयन्द
( शृंगार वर्णन )
लुगु बैस इइ अहि बुठकारी । चन्दन जैफर मिरैं मैंबारी ॥१
सरग पवान लाग मनु आयी । घाइस भैंसीं जाइ उड़ायी ॥२
बाँसपोर हुत मनु घर फोँड़ी । अछरि वइस दस्ति मैं ठाढ़ी ॥३
फोइ पुडुप अस अंग गँधाई । रितु बसन्त चहुँ दिसि फिर आई ॥४
अंग बास नौखण्ड गँधाने । बास केतकी मैंबर लुभाने ॥५
उपेन्दर गोयन्द चैंदरावळ, भरमौं बिसुन मुरारि ।६
गुन गँधरब रिखि देवता, रूप विमोहे नारि ॥७
टिप्पणी—(१) बुठकारी—मूर्तिकारी । जैफर—जायफल । मिरै—मिलाकर ।
(४) फोइ—कुमुदनी ।
(६) गोयन्द—( फारसी ) कहते हैं ।
(७) यह पद ३४ कड़बकमें भी है ।
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( रोकेण्ड्स ५३७, पंजाब [७] )
सिफते किरफत बाँदा गोयन्द
( वस्त्र वर्णन )
सुनहु चीर कस पहिर हझौरी । कुँदिया राम सेंदुरिया सारी ॥१
पहिर मघवना औ' कशियारा । चकना चीर चौकरिया सारा ॥२
मुँगिया पटरु अंग चढ़ाई । मबिला छुदरी मर पहिरायी ॥३
मानों चाँद हसँमी रातीं । एकखेंऽछाप (सोइ) गुजरातीं ॥४
दरिया चैंदरीटा जो मुक्राह' । साथ पटोरैं बहुत सिंगारू ॥५
थोला चीर पहिर ओ चासी, मानों जाइ उड़ाइ ।६
देखत रूप विमोहे देवता, फिरहुत अहर[१*] आइ ॥७