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सर्वकोश
बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 2 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished760 पृष्ठ

पृष्ठ 619, कुल 760 में से

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पृष्ठ 619

(9th house)
Wait! "भङ्गापवादाध्वपरिश्रमान्तारायापकारी" is Pada 1! "नवमर्क्षसंस्थः।" is Pada 2!
10. क्रियाप्रसिद्धिं दशमेऽर्थलाभं विस्रब्धमानं च बुधो ददाति॥ (10th house)
11. एकादशे मानचतुष्पदस्त्रीवित्तार्थसौभाग्यविनोदकर्ता। (11th house)
12. बुधोऽन्त्यराशौ विचरंश्च कुर्यादुद्वेजनं कार्यपरिश्रमं च॥ इति॥२४॥ (12th house)

It covers all 12 houses (राशिसंस्थ बुध फल):

  • House 1: स्थाने शशाङ्कस्य शशाङ्कसूनुः सौभाग्यविद्यामतिमानहर्ता।
  • House 2: द्वितीयसंस्थस्त्वपवादशोकस्वैरक्रियामन्वतिदैन्यकारी ॥
  • House 3: तृतीयगो बन्धुविरोधरोधव्यापत्तिकर्ता द्रविणस्य सौम्यः।
  • House 4: चतुर्थगो मानगुणप्रशंसाप्रमोदयोषिद्धनलाभकारी॥
  • House 5: नैष्ठान्यमुद्वेगमनर्थचर्यां कुर्याद् बुधः पञ्चमगोऽरतं च।
  • House 6: षष्ठे विवृद्धिं मनसः प्रहर्षमुत्साहलाभोपचयं करोति