बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)
Brihat Samhita Vol 2 with Vimala Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअथ गोलक्षणाध्यायः
अथ गोलक्षणं व्याख्यायते। तत्रादावेवागमप्रदर्शनार्थमाह—
पराशरः प्राह बृहद्रथाय गोलक्षणं यत् क्रियते ततोऽयम्।
मया समासः शुभलक्षणास्ताः सर्वास्तथाऽप्यागमतोऽभिधास्ये ॥१॥
पराशर मुनि ने अपने शिष्य बृहद्रथ से जो गोलक्षण कहा है, यहाँ पर मैं उसका
संक्षेप में वर्णन करता हूँ। यद्यपि सभी गौवें शुभ लक्षण वाली होती हैं, तथापि मुनि-
प्रणीत शास्त्र से लेकर उनका शुभाशुभ लक्षण यहाँ कहते हैं॥१॥
पराशराख्यो मुनिर्बृहद्रथाय शार्ङ्गरवनाम्ने स्वशिष्याय यद् गोलक्षणं प्राहोक्तवान्,
ततस्तस्माद् गोलक्षणान्मया आचार्येण समासः संक्षेपः क्रियते। सर्वाः समस्ता गावः शुभ-
लक्षणाः प्रशस्तलक्षणाः। अपिग्रहणादशुभलक्षणाः सर्वा निःशेषास्तथा तेनैव प्रकारेणागमत
आगमाद् मुनिप्रणीताच्छास्त्रादभिधास्ये कथयिष्ये॥१॥
तत्रादावेवाशुभलक्षणान्याह—
सास्त्राविलरूक्षाक्ष्यो मूषकनयनाश्च न शुभदा गावः ।
प्रचलच्चिपिटविषाणाः करटाः खरसदृशवर्णाश्च ॥२॥
दशसप्तचतुर्दन्त्यः प्रलम्बमुण्डानना विनतपृष्ठ्यः ।
ह्रस्वस्थूलग्रीवा यवमध्या दारितखुराश्च ॥३॥
श्यावातिदीर्घजिह्वा गुल्फैरतितनुभिरतिबृहद्भिर्वा ।
अतिककुदाः कृशदेहा नेष्टा हीनाधिकाङ्ग्यश्च ॥४॥
आसुओं से भरी आँखों वाली, गँदली आँखों वाली, रूखी आँखों वाली, चूहे के
समान आँखों वाली, हिलती हुये सींग वाली, चपटे सींग वाली, कृष्ण, लोहित वर्ण
वाली और गदहे के समान वर्ण वाली गौ शुभ देने वाली नहीं होती है। दश, सात या
चार दाँत वाली, लम्बी मुख वाली, विना सींग वाली, झुकी हुई पीठ वाली, छोटी तथा
मोटी गरदन वाली, जौ के समान मध्य भाग से मोटी, फटे हुये खुर वाली, श्याम रंग
की लम्बी जिह्वा वाली, बहुत छोटे, बहुत बड़े या बहुत मोटे गुल्फ वाली, दुबली, कम
अंग वाली या अधिक अंग वाली गौ शुभ देने वाली नहीं होती है॥२-४॥
अक्षिशब्दः प्रत्येकमभिसम्बध्यते। सास्राक्ष्यः सास्रे नित्यमश्रुणा संयुक्ते अक्षिणी
यासां ताः सास्राक्ष्यः। आविले कलुषे अप्रसन्ने अक्षिणी यासां ताः। रूक्षे अस्निग्धे अक्षिणी
यासां ताः। मूषकनयनाः, मूषकसदृशनेत्रास्ता गावो न शुभदा अप्रशस्ताः। तथा प्रचलच्चि-
पिटविषाणाः प्रचलन्ति कम्पमानानि चिपिटानि चर्पटानि विषाणानि शृङ्गाणि यासां ता
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