बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)
Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंवस्तुनिष्ठप्रश्नोत्तराणि
१. अ २७. ब ५३. स ७९. अ १०५. स
२. स २८. अ ५४. अ ८०. अ १०६. अ
३. द २९. स ५५. ब ८१. स १०७. अ
४. ब ३०. द ५६. ब ८२. ब १०८. ब
५. अ ३१. ब ५७. ब ८३. स १०९. ब
६. अ ३२. द ५८. द ८४. अ ११०. स
७. अ ३३. अ ५९. अ ८५. ब १११. अ
८. अ ३४. द ६०. द ८६. अ ११२. द
९. अ ३५. ब ६१. ब ८७. अ ११३. अ
१०. ब ३६. ब ६२. स ८८. अ ११४. अ
११. अ ३७. द ६३. अ ८९. अ ११५. अ
१२. अ ३८. ब ६४. अ ९०. ब ११६. ब
१३. अ ३९. अ ६५. ब ९१. अ ११७. ब
१४. अ ४०. अ ६६. अ ९२. स ११८. अ
१५. अ ४१. अ ६७. ब ९३. ब ११९. अ
१६. अ ४२. द ६८. अ ९४. ब १२०. स
१७. अ ४३. अ + द ६९. द ९५. द १२१. अ
१८. अ ४४. ब ७०. द ९६. द १२२. द
१९. द ४५. अ ७१. ब ९७. द १२३. स
२०. अ ४६. अ ७२. अ ९८. स १२४. द
२१. अ ४७. अ ७३. अ ९९. स १२५. अ
२२. अ ४८. अ ७४. स १००. अ १२६. अ
२३. अ ४९. अ ७५. अ १०१. स १२७. ब
२४. अ ५०. अ ७६. ब १०२. अ १२८. अ
२५. अ ५१. अ ७७. स १०३. अ १२९. अ
२६. स ५२. अ ७८. अ १०४. अ १३०. अ
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