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सर्वकोश
बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished728 पृष्ठ

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६८० बृहत्संहिता
३५३. दक्षिणाङ्गगताः पिटकाः केषां कृते शुभावहाः?
(अ) स्त्रीणां कृते (स) वैश्यानां कृते
(ब) पुरुषाणां कृते (द) कन्यकानां कृते
३५४. वामाङ्गे गताः पिटकाः केषां कृते दुःखदा?
(अ) नारीणां कृते (स) कुमारीणां कृते
(ब) वृद्धानां कृते (द) बालानां कृते
CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA