बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)
Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा
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रोहिणीसहोत्तरगतचन्द्र- | पूर्वदिक्स्थितवातफलम् ३७४
समागमफलम् ३६० | आग्नेयदिक्स्थितवातफलम् ३७५
रोहिण्याः शकटमध्यगते | दक्षिणदिक्स्थितवातफलम् ३७५
चन्द्रे फलम् ३६१ | नैर्ऋत्यदिक्स्थितवातफलम् ३७६
रोहिण्याः पश्चिमदिक्स्थे | पश्चिमदिक्स्थितवातफलम् ३७६
चन्द्रे फलम् ३६१ | वायव्यदिक्स्थितवातफलम् ३७७
रोहिण्याः पूर्वदिक्स्थे चन्द्रे फलम् ३६१ | उत्तरदिक्स्थितवातफलम् ३७७
रोहिण्या आग्नेयादिदिक्स्थे | भद्रपदायोगाकथनम् ३७८
चन्द्रे फलम् ३६२ | ईशानदिक्स्थितवातफलम् ३७८
योगतारोपतापे छादने च फलम् ३६२ |
पशुवशाच्छुभाशुभज्ञानम् ३६३ | २८. सद्योवर्षणाध्यायः
अदृश्यचन्द्रफलम् ३६४ | वर्षप्रश्ने चन्द्रस्थितिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८०
२५. स्वातीयोगाध्यायः | प्रश्नकर्तुश्चेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८१
स्वातीयोगे फलादेशं कालनिर्देशञ्च ३६५ | सूर्यकिरणस्थितिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८१
स्वातीयोगे अहोरात्रत्रिभागे | अन्यद्वर्षज्ञानम् ३८२
वृष्टिफलम् ३६५ | मार्जारचेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८२
अपांवत्सनिकटस्थितचन्द्रफलम् ३६६ | अन्यद्वर्षज्ञानम् ३८३
स्वातीयोगस्य कालयोगम् ३६६ | पिपीलिकादिचेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८३
२६. आषाढीयोगाध्यायः | कृकलासादिचेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८३
आषाढीयोगे कर्तव्यम् ३६८ | पशुचेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८४
तुलाभिमन्त्रणार्थमार्षमन्त्रम् ३६९ | श्वानचेष्टावशाद्वर्षज्ञानम् ३८४
तुलालक्षणम् ३६९ | चन्द्रस्थितिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८४
द्रव्यप्रमाणेन वृष्टिपरिज्ञानम् ३७० | वल्ल्यादिना वर्षज्ञानम् ३८५
तुलालक्षणम् ३७१ | सान्ध्यमेघवर्णवशाद्वर्षज्ञानम् ३८५
तुलितद्रव्याणां शुभाशुभफलम् ३७१ | मेघस्थितिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८६
पापग्रहयोगेन शुभाशुभफलम् ३७२ | उदयास्तसमये इन्द्रधनुरादिस्थिति-
योगत्रयमध्ये रोहिणीयोगस्य | वशाद्वर्षज्ञानम् ३८६
वैशिष्ट्यम् ३७२ | आकाशवर्णादिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८७
दिक्ष्वष्टासु वातफलम् ३७३ | सूर्यकिरणवशाद्वर्षज्ञानम् ३८७
२७. वातचक्राध्यायः | ग्रहस्थितिवशाद्वर्षज्ञानम् ३८७
आषाढपूर्णिमायमैशान्यां दिशि | ग्रहयोगे फलम् ३८९
स्थितस्य वातस्य फलम् ३७४ | ग्रहसञ्चारवशाद्वर्षज्ञानम् ३८९
| खद्योतद्वारा वृष्टिज्ञानम् ३८९
| शृगालद्वारा वृष्टिज्ञानम् ३९०
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