बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
पृष्ठ 679, कुल 800 में से
संदर्भ में पढ़ेंअष्टकवर्गफलाध्यायः । ६६७
अचिराज्जीवितं जहाच्छक्रैः कालेनभ क्षितः ।
वाराहप्रतिमां दद्यात्कनकेन विनिर्मिताम् ।।६८।।
१४ रेखा हो तो थोड़े काल में अल्पायु होने का भय होता है अतः शान्त्यर्थ
सुवर्ण की वराह की मूर्त्ति दान करना चाहिये।।६८।।
राज्ञोभयं तिथिमितैस्तत्रहस्ती प्रदीयते ।
रिष्टभूपैः कल्पतरोः प्रतिमां च निवेदयेत् ।।६९।।
१५ रेखा हो तो राजभय होता है अतः उसकी शान्ति के लिये हाथी का
दान करना चाहिये। १६ रेखा हो तो अरिष्ट का भय होता है अतः शान्त्यर्थ कल्पतरु
वृक्ष की प्रतिमा का दान करे।।६९।।
ऋषिचन्द्रैर्व्याधिभयं गुड़धेतुं निवेदयेत् ।
कलहोऽष्टेंदुभिर्दद्याद्रत्नगोभूहिरण्यकम् ।।७०।।
१७ रेखा हो तो व्याधि का भय होता है अतः शान्त्यर्थ गुड धेनु का दान
करना चाहिये १८ रेखा हों तो भय होता है अतः शान्ति के लिये रत्न, गौ और
भूमि का दान करना चाहिये।।७०।।
देशत्यागोऽकंचन्द्रौ स्याच्छान्तिं कुर्याद्विधानतः ।
विंशत्या बुद्धिनाशः स्यात्कुर्याल्लक्षमितंजपम् ।।७१।।
१९ रेखा हो तो देश निकाला होता है अतः शान्त्यर्थ विधानपूर्वक ग्रह शान्ति
कराना चाहिये। २० रेखा हो तो बुद्धि की हानि होती है अतः शान्त्यर्थ वागीश्वरी
देवी के मंत्र का एक लाख जप कराना चाहिये।।७१।।
भूमिपक्षैः रोगपीडा दद्याद्धान्यस्य पर्वतम् ।
यमाश्विभिर्वन्धुपीडादद्यादादर्शकं बुधः ।।७२।।
२१ रेखा हो तो रोग से पीड़ा होती है अतः शान्त्यर्थ धान्य का पर्वत दान
देना. चाहिये।।७२।।
रामपक्षयुते मासे नानाक्लेशान्प्रपद्यते ।
सौवर्णी प्रतिमां दद्याद्रवेः सप्तपलैः क्रमात् ।।७३।।
२३ रेखा हो तो उस मास में अनेक कष्टों से युक्त होता है इसकी शान्ति
के लिये ७ पल की सूर्य की प्रतिमा का दान करें।।७३।।